
जिले में कितनी हुई बर्बाद वैक्सीन, हुआ आंकलन
एटा। जिले में जनवरी से लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही है। अब तक 27464 व्यक्तियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इस दौरान बूथों पर 1156 डोज वैक्सीन बर्बाद हुई हैं।
जिले में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीन लगाने की कवायद शुरू हुई। सबसे पहले हेल्थ वर्कर्स को कोरोना वैक्सीन लगाई गई। इसके बाद फ्रंटलाइन वर्कर का वैक्सीनेशन किया गया। इनको वैक्सीन लगाने के बाद जिले में 60 वर्ष से ऊपर व 45 वर्ष के ऊपर के बीमार व्यक्तियों को वैक्सीन लगाने का कार्य शुरू हुआ। 24 मार्च तक जिले में 27464 व्यक्तियों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। इस दौरान जिले में अब तक 1156 डोज वैक्सीन की खराब हुई।
टीकाकरण कराने नहीं पहुंच रहे लोग
जिले में वैक्सीन बर्बाद होने का प्रमुख कारण लोगों का बूथों पर न पहुंचना है। एक वॉयल में वैक्सीन की दस से बीस डोज तक होती हैं। वॉयल खुलने के बाद चार घंटे तक कोई व्यक्ति वैक्सीनेशन के लिए नहीं पहुंचता है, तो वॉयल खराब हो जाती है।
शासन ने वेस्टेज फैक्टर को 5.5 किया हुआ है। जिले में 5.5 के आसपास वैक्सीन वेस्टेज हो रही है। इसको और कम करने के प्रयास जारी है।
डॉ. अरविंद गर्ग, सीएमओ