रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गई इस भाजपा कॉर्पोरेटर को पांच साल की जेल
महाराष्ट्र: एक दुकानदार की शिकायत पर अवैध रूप से वसूली करने और रिश्वत लेने के जुर्म में मीरा भायंदर म्युन्सिपल कॉर्पोरेशन यानी MBMC में भाजपा नेता एवं वार्ड नंबर 14B से नगरसेवक वर्षा भानुशाली को ठाणे की स्थानीय अदालत ने 5 सालों की सज़ा सुनाई।सज़ा की वजह ये बताई गई है कि वर्षा भानुशाली पर रिश्वत लेने का मामला चल रहा था।
5 साल की सज़ा के साथ वर्षा भानुशाली पर 5 लाख रुपयों का जुर्माना भी लगाया है। अगर वर्षा ये जुर्माना नही भरती हैं तो उसे 6 महीने अतिरिक्त सज़ा भी भुगतनी पड़ेगी।
दरअसल मीरा भायंदर का ये मामला साल 2014 का है एक दुकानदार जिसने अपनी दुकान की ऊंचाई नाजायज़ तरीके से बढ़ने का आरोप था, जिसको लेकर भाजपा नगर सेवक वर्षा भानुशाली उक्त दुकानदर से बतौर रिश्वत एक लाख साठ हजार की मांग की।
दुकानदार इस शर्त के लिए तैयार भी हो गया और मांगी गई रकम को देने के लिए पहली किश्त के तौर पर 50 हज़ार रुपये देने के लिए भाजपा पूर्व नगर सेवक को ठाणे शहर के ही मैक्सेस मॉल के पास जानकी हेरिटेज में आने की बात कही लेकिन उसी समय दुकानदार ने एंटी क्रप्शन विभाग को भी खुफिया तौर पर सूचना दे दी।
जैसे ही दुकानदार ने भाजपा नेता वर्षा भानुशाली को पैसे दिए तुरंत ही वहां पहले से मौजूद एंटी करप्शन विभाग की मौजूद टीम ने उन्हें रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।
इस मामले में ठाणे ज़िला न्यायलय ने सुनवाई करते हुए भाजपा नेत्री को 5 साल की सज़ा और 5 लाख रुपया जुर्माना भरने का हुक़्म दिया है। जुर्माना भरने के आदेश के अनुसार अगर वर्षा भानुशाली 5 लाख रुपये जुर्माना नही चुकाती हैं तो उन्हें 6 महीना अलग से जेल में रहना पड़ेगा। इस मामले की सुनवाई ठाणे ज़िला न्यायलय की माननीय जज पीपी जाधव ने की है और रिश्वतखोरी के आरोप को सही पाते हुए भाजपा नेत्री को ये सज़ा सुनाई है।
वर्षा भानुशाली की फेसबुक प्रोफाइल चेक करें तो वहां वर्षा भानुशाली ने कई तस्वीरें शेयर की हैं जिनमे भारतीय जनता पार्टी के कई दिग्गज नेताओं के साथ दिखाई दे रही है।
उन्ही तस्वीरों में से कुछ तस्वीरें ‘खाऊँगा ना खाने दूँगा’ वाले प्रधान मंत्री नरेन्द्र के साथ भी है जो उसने अपने फेसबुक पेज पर शेयर की है तथा वही फ़ोटो रिश्वत लेने की आरोपी भाजपा नेत्री ने अपने ऑफिस में भी लगा रखी है।
लेकिन कानून ने रिश्वतखोर वर्षा भानुशाली को सज़ा सुनाकर ये साबित कर दिया कि कोई भी हो वो कानून से बड़ा नही हो सकता ना ही कानून की नज़र से बच सकता है।