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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- लिव इन रिलेशन वैधानिक, किसी को नहीं है हस्तक्षेप का अधिकार
◾फर्रुखाबाद के जोड़े ने दायर की थी अपील
◾पुलिस को संरक्षण देने और उनके जीवन में हस्तक्षेप नहीं करने का दिया आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिव इन रिलेशन में रह रहे जोड़े को राहत देते हुए कहा है लिव इन रिलेशनशिप को देश में वैधानिक मान्यता प्राप्त है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को चाहे वह अभिभावक ही क्यों न हो, दो वयस्क लोगों के बिना शादी किए शांतिपूर्वक साथ जीवन व्यतीत करने में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि यह व्यक्ति का मौलिक अधिकार है, जो उसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार के तहत प्राप्त है। कोर्ट ने लिव इन रिलेशन में रह रहे फर्रुखाबाद के जोड़े कामिनी देवी और अजय कुमार की याचिका पर उनको संरक्षण देने और उनके जीवन में हस्तक्षेप नहीं करने का आदेश दिया है।