कृषि बिल के खिलाफ नया कानून लाने की तैयारी में गहलोत सरकार, जल्द होगा विधानसभा सत्र

केंद्रीय कृषि कानूनों को बायपास कर उसकी जगह राज्य के प्रावधान लागू करने के मामले में राज्य सरकार ने कवायद शुरू कर दी है. राज्य सरकार इस मामले में जल्द विधानस्भा सत्र बुलाने की तैयारी में है. सीएम अशोक गहलोत ने जल्द विधानसभा सत्र बुलाने के संकेत दिए हैं. सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी चाहती हैं कि राज्य सरकारें सोचें कि किस प्रकार से हम जो कानून बनाने का अधिकार राज्यों को है, उस पर केंद्र ने जो हस्तक्षेप किया है, उसको किस प्रकार से हम लोग ठीक कर सकते हैं. हम लोग उनके सुझाव पर विचार करेंगे.
सीएम अशोल गहलोत ने कहा, हम चाहेंगे विधानसभा बुलाकर वहां पर डिस्कशन करें. विधानसभा के अंदर खुलकर बातचीत करें. जो कानून बनाए गए हैं, राष्ट्रपति की उस पर छाप लग चुकी है. हम चाहेंगे कि पूरा परीक्षण करवाएं कि किस प्रकार से हम अमेंडमेंट कर सकते हैं. संविधान के अंतर्गत क्या राज्यों को जो अधिकार दिए गए हैं, उसका क्या तरीका हो सकता है. उन्होंने कहा कि हो सकता है हमें जल्द ही असेंबली बुलानी पड़े और किसानों के हित के अंदर जो भी होगा, वह किया जाएगा.
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कृषि मंत्री लाल चंद कटारिया ने भी केंद्रीय कानूनों को बायपास करने का रास्ता तलाशने की बात कही है. केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर सोनिया गांधी ने सभी कांग्रेस शासित राज्यों को निर्देश दिए थे कि वे इन कानूनों को बायपास करने का कानूनी रास्ता तलाशकर इनकी जगह राज्य का कानून लागू करने का विकल्प तलाशें, सोनिया गांधी के निर्देशों के बाद राजस्थान सरकार ने कवायद शुरू कर दी है.