
देश हाथरस में हुई मासूमों के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या कर उबल रहा है और यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली से भी देश आक्रोशित है वहीं गाडरवारा के रिछाई गांव में अभी ऐसी ही घटना सामने आई है जहां पर एक दलित परिवार के पड़ोस में रहने वाले आरोपियों ने दलित की पत्नी के साथ तीन लोगों ने मिलकर गैंगरेप किया हद तो तब हो गई जब पीड़ित परिवार पुलिस चौकी से लेकर थाने के चक्कर लगाता रहा लेकिन उसकी फरियाद नहीं सुनी गई और आखिरकार पीड़िता ने फांसी के फंदे से झूल कर मौत को गले लगा लिया पीड़ित परिवार ने चीचली थाने की पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़िता और परिजन चीचली थाने पहुंचे तो चीचली के थाना प्रभारी में शिकायत लिखने की बजाय उल्टा फरियादी को ही गाली गलौज कर थाने में घण्टों रखा और फरियादी से पैसे भी मांगे तब छोड़ा जिससे पीड़िता बहुत व्यथित हो गई और उसका कानून पर से विश्वास उठ गया एक तो उसके साथ हुई हैवानियत और फिर उसके पति को घण्टों थाने में रखने से पीड़िता ने खुद की दे लीला समाप्त करने के लिए फांसी के फंदे पर झूल गई और जैसे ही यह खबर पूरे गांव में आपकी तरह पहली गांव में तनाव का माहौल बन गया है और मौके पर पहुंचे एसडीओपी ने गांव में लोगों को समझाइश देते हुए किसी तरह शांत कराने की कोशिश की जा रही है खुद एसडीओपी का मानना है कि कहीं ना कहीं चीचली पुलिस द्वारा परिजनों के साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया गया और जिसके चलते पीड़िता ने आखिरकार मौत को गले लगा लिया वही एसडीओपी इस पूरे मामले में विस्तृत जांच की बात कह रहे हैं और जांच के बाद रिपोर्ट में जो तथ्य सामने निकल कर आएंगे और आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की बात कह रहे हैं और पुलिस द्वारा की गई बदसलूकी जांच की बात कह कर पल्ला झाड़ रहे हैं वहीं परिजनों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग और दोषी थाना प्रभारी सहित पूरे पुलिस स्टाफ पर कार्यवाही की मांग की मांग कि है मिल तो का कहना है कि दलित होने की वजह से पुलिस ने हमारी f.i.r. नहीं लिखी और हमारी पत्नी को मौत के लिए गले लगाने पर मजबूर होना पड़ा