
बरेली। क्या आपको भी अक्सर आंखों में जलन, चुभन, लालिमा या कुछ किरकिराने जैसा अहसास होता है? यदि हाँ, तो इसे हल्के में न लें। आज के समय में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस परेशानी से जूझ रहा है। अधिकांश लोगों का मानना होता है कि आंखों में सूखापन केवल शरीर में पानी की कमी के कारण होता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि केवल पानी की कमी ही इसका एकमात्र कारण नहीं है।
क्यों सूख जाती है आंखों की नमी?
विशेषज्ञों के अनुसार, आंखों की सतह को नम और स्वस्थ रखने के लिए आंसुओं की एक बेहद पतली परत का होना जरूरी है। जब यह सुरक्षात्मक परत जल्दी सूख जाती है या आंखें पर्याप्त मात्रा में आंसू नहीं बना पातीं, तो ‘ड्राई आईज’ (Dry Eyes) की समस्या पैदा होती है।
सूखेपन के 4 प्रमुख कारण
- स्क्रीन टाइम और कम पलकें झपकाना:
कंप्यूटर और मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से यह समस्या काफी बढ़ गई है। स्क्रीन पर लगातार ध्यान केंद्रित रखने से व्यक्ति सामान्य की तुलना में बहुत कम बार पलकें झपकाता है। पलकें झपकाने से आंसुओं की परत आंखों पर बराबर फैलती है। जब ऐसा नहीं होता, तो नमी टूट जाती है और आंखों में थकान, जलन और धुंधलापन होने लगता है। - AC और पंखे की सीधी हवा:
कमरे में चल रहे पंखे या एयर कंडीशनर (AC) की सीधी हवा आंखों की ऊपरी सतह से नमी को तेजी से सोख लेती है। कम आर्द्रता (low humidity) वाले बंद कमरों में ज्यादा देर तक रहना इस परेशानी को और बढ़ा देता है। - धूल, धुआं और प्रदूषण:
घर से बाहर निकलने पर धूल, धुआं और वायु प्रदूषण सीधे आंखों के संपर्क में आते हैं, जिससे जलन, लालिमा और पानी बहने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कॉन्टैक्ट लेंस का अनुचित प्रयोग:
लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहने रखना या उनकी सही तरीके से सफाई न करना आंखों की सतह तक आंसुओं और ऑक्सीजन के सामान्य प्रवाह को रोकता है।
इसके अलावा बढ़ती उम्र, कुछ दवाइयां और हार्मोनल बदलाव भी इस समस्या के अन्य कारण हो सकते हैं।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
डॉक्टरों के मुताबिक, कभी-कभार थोड़ा सूखापन होना आम बात है। लेकिन यदि यह समस्या लगातार बनी रहे, आंखों में तेज दर्द हो, लालिमा न जा रही हो, रोशनी देखने में दिक्कत आए या नजर धुंधली होने लगे, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
विशेषज्ञ की सलाह: कुछ लोग केवल अपनी आदतों में सुधार करके इससे राहत पा सकते हैं, जबकि कुछ को दवाइयों की आवश्यकता होती है। बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से कभी भी कोई आई ड्रॉप न डालें।
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