
बरेली । थाना किला क्षेत्र में मंगलवार को देर शाम पुलिस और एक स्थानीय फल विक्रेता की सजगता से एक बड़ा हादसा होने से टल गया । किला फाटक के पास लावारिस हालत में रोती-बिलखती मिली 4 वर्षीय मासूम बच्ची को पुलिस की ‘मिशन शक्ति’ और ‘चीता’ टीम ने महज दो घंटे के भीतर सकुशल उसके माता-पिता की गोद में पहुंचा दिया। अपनी जिगर के टुकड़े को सही-सलामत पाकर परिजनों के आंसू छलक पड़े और उन्होंने बरेली पुलिस व मददगार फल विक्रेता का आभार जताया।
फल विक्रेता ने दिखाई इंसानियत, थाने लेकर पहुंचा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 22 सितंबर को किला फाटक के पास करीब 4 साल की एक बच्ची राहगीरों के बीच बिलख-बिलख कर रो रही थी। भीड़भाड़ वाले इलाके में रोती बच्ची पर किला छावनी निवासी फल विक्रेता शाकिर (पुत्र अमजद) की नजर पड़ी। उन्होंने तत्परता और जिम्मेदारी दिखाते हुए बच्ची को संभाला और सीधे थाना किला लेकर पहुंचे।
‘मिशन शक्ति’ व ‘चीता’ टीम ने 120 मिनट में चलाया सघन तलाशी अभियान
थाने में बच्ची के पहुंचते ही प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में तत्काल राहत अभियान शुरू किया गया। बच्ची सहमी होने के कारण अपना घर और पता स्पष्ट नहीं बता पा रही थी। इसके बाद ‘मिशन शक्ति’ की महिला पुलिसकर्मियों और ‘चीता मोबाइल’ के जवानों ने बिना समय गंवाए पूरे थाना क्षेत्र में बच्ची की पहचान के लिए सघन अभियान छेड़ दिया।
स्थानीय लोगों, दुकानदारों और सोशल मीडिया ग्रुप्स की मदद से लगातार दो घंटे तक इलाके की खाक छानी गई। पुलिस की कड़ी मशक्कत रंग लाई और बाकरगंज खड्ड क्षेत्र में परिजनों की पहचान कर ली गई।
रोते हुए माता-पिता के चेहरे पर लौटी मुस्कान
बच्ची की पहचान इकरा (उम्र 04 वर्ष) पुत्री फैजान के रूप में हुई। बाकरगंज खड्ड निवासी पिता फैजान और मां गुलफशा बच्ची के अचानक गायब होने से बदहवास थे और उसकी तलाश में भटक रहे थे। थाने बुलाकर जब पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इकरा को उनकी गोद में सौंपा, तो परिजनों की आंखें खुशी के आंसुओं से नम हो गईं। परिजनों ने बरेली पुलिस की त्वरित कार्रवाई और फल विक्रेता शाकिर के इस मानवीय कदम की दिल से सराहना की।
[विशेष बॉक्स] सराहनीय भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम:
प्रभारी निरीक्षक: सुरेंद्र सिंह
उप-निरीक्षक: नौमित नागर
हेड कांस्टेबल: बिजेन्द्र सिंह (1227)
महिला हेड कांस्टेबल: बीना (1272)
महिला कांस्टेबल: काजल रानी (3158)