
बरेली। श्री हरि मंदिर में चल रहे 17 दिवसीय 66वें भक्ति ज्ञान वार्षिक महोत्सव का समापन राधा अष्टमी के पावन पर्व पर धूमधाम से हुआ। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गुंजायमान रहा।
सत्संग में पंडित श्री रामदेव शास्त्री जी ने राधा नाम महिमा पर प्रकाश डाला। वहीं, पानीपत से पधारीं पूज्य श्री श्री 108 श्रीमती कांता देवी जी हरमिलापी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रभु का सहारा ही सच्चा सहारा है; संसार के बनोगे तो दुख पाओगे, लेकिन भगवान के बनते ही सुख-दुख का भेद मिट जाता है। राधा रानी की कृपा होते ही भगवान श्रीकृष्ण की कृपा स्वतः मिल जाती है। उन्होंने ‘बज रही आज बधाई’ और ‘संकट हरेगी बृजभान की लली’ जैसे भजनों से भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
धार्मिक सेवा समिति द्वारा प्रस्तुत ‘बरसाना मोहे प्यारो लागे’ और ‘तेरी बिगड़ी बना देगी चरण रज राधा रानी की’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। महोत्सव के समापन पर आयोजित विशाल भंडारे में लगभग 20,000 भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
समिति के सचिव रवि छाबड़ा ने सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष सुशील अरोड़ा, अश्वनी ओबेरॉय, अनिल अरोड़ा, महिला सेवा समिति अध्यक्ष रेनू छाबड़ा, कंचन अरोड़ा सहित प्रबंध समिति, महिला संकीर्तन मंडल और युवा मंडल का विशेष सहयोग रहा।