
बरेली। बहेड़ी तहसील के सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। डीएम ने कुल 200 शिकायतें सुनीं, जिनमें राजस्व से संबंधित 70, पुलिस से 27 और पूर्ति विभाग से 60 शिकायतें शामिल रहीं। वक्फ की जमीन भूमाफिया को बेचने का मामला भी सामने आया है। जिस पर डीएम ने जांच कराने की बात कही है।
गरगईया गांव के प्राथमिक विद्यालय में 15 दिन तक मध्यान्ह भोजन न बनवाने के मामले में जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापिका नीता गंगवार और बीएसए को मौके पर तलब कर पूछताछ की। बताया गया कि एसडीएम गोपाल शर्मा के पहुंचने के बाद तीन दिन पहले ही भोजन व्यवस्था दोबारा शुरू कराई गई थी।
डीएम ने बीएसए को प्रधानाध्यापिका को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि उन्हें एक माह का एमडीएम का पैसा नहीं मिला था, जिसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दी गई थी। इस पर डीएम ने रुका हुआ भुगतान तुरंत जारी कर छात्रों को नियमित भोजन देने और इसकी दैनिक मॉनिटरिंग एसडीएम द्वारा करने के आदेश दिए।
जाम सावंत गांव के ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर बताया कि जाम बाजार क्षेत्र हाईवे से लगा हुआ है, जहां वक्फ की जमीन को गांव के कुछ लोगों ने भूमाफिया के हाथों बेच दिया है। उस पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्य शिकायतकर्ता ताहिर को आश्वासन देते हुए डीएम ने कहा कि वह स्वयं मामले की जांच करेंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी भी उनसे मिल चुके हैं। फिलहाल जमीन पर किसी भी तरह के निर्माण या लेवलिंग पर रोक रहेगी और स्वरूप बदलने का प्रयास करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।