
बरेली। जिले में जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। अपर जिलाधिकारी (नगर) डॉ. अविनाश त्रिपाठी की अदालत ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लंबित 25 मुकदमों का एक साथ निस्तारण करते हुए दोषियों पर कुल 20 लाख 75 हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोका है। खाद्य तेल, फ्रूट जूस और नमकीन के अधोमानक (सब-स्टैंडर्ड) नमूने मिलने तथा बिना पंजीकरण/लाइसेंस के धंधा चलाने पर यह कार्रवाई की गई है। इस फैसले के बाद मिलावटखोर सिंडिकेट में खलबली मच गई है।
किसे कितनी लगी चपत:
खण्डेलवाल एडिबल ऑयल प्रा. लि.: अधोमानक खाद्य तेल बेचने पर ₹2.50 लाख और बिना वैध लाइसेंस के ट्रेडिंग करने पर ₹1.50 लाख समेत कुल ₹4 लाख का जुर्माना।
अभिषेक रीटेल इंडिया प्रा. लि.: घटिया क्वालिटी की लीची फ्रूट ड्रिंक (Nutriraja) बनाने और बाजार में खपाने के जुर्म में ₹2.50 लाख का जुर्माना।
Subhash’s Traditional Indian Namkeen: अधोमानक चिंटू ब्रांड नमकीन बेचने के आरोप में ₹1.50 लाख का अर्थदण्ड।
अन्य 22 कारोबारी: मिलावटी सामग्री बेचने और खाद्य नियमों का उल्लंघन करने पर शेष 22 व्यापारियों पर भी लाखों का जुर्माना लगाया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शहरवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग को नियमित सैंपलिंग जारी रखने और बिना लाइसेंस संचालित दुकानों पर तत्काल सीलिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।