कैंटोनमेंट बोर्ड में गूंजे हास्य-व्यंग्य के तीर, CEO डॉ. तनु जैन बोलीं—‘प्रशासन की रीढ़ है सहज हिंदी’

बरेली। कैंटोनमेंट बोर्ड कार्यालय में पखवाड़े भर से चल रहे राजभाषा उत्सव का बुधवार को उल्लासपूर्ण माहौल में समापन हो गया। समापन समारोह के मुख्य आकर्षण रहे कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी तीखी, व्यंग्यात्मक और देशभक्ति से ओत-प्रोत रचनाओं से समां बांध दिया। वहीं, पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

​कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कैंटोनमेंट बोर्ड की मुख्य अधिशासी अधिकारी (CEO) डॉ. तनु जैन ने कर्मचारियों को राजभाषा के निरंतर प्रयोग का संकल्प दिलाया।

सीईओ डॉ. तनु जैन का संदेश

समारोह को संबोधित करते हुए सीईओ डॉ. तनु जैन ने स्पष्ट किया कि हिंदी को केवल आयोजनों तक सीमित रखना उचित नहीं है। उन्होंने कहा:

“हिंदी हमारी राजभाषा होने के साथ-साथ जनसंपर्क और प्रभावी प्रशासन की सबसे मजबूत कड़ी है। कार्यालयीन कामकाज में सरल, सहज और स्पष्ट हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पखवाड़े की इस ऊर्जा और भावना को हमें वर्षभर अपने दैनिक कार्य-व्यवहार में उतारना होगा।”

कवि सम्मेलन में बही रसधार

समारोह के दूसरे सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवियों ने मंच संभाला। कवियों ने जहां एक ओर समसामयिक मुद्दों पर तीखे कटाक्ष कर व्यवस्था पर हास्य-व्यंग्य के बाण चलाए, वहीं दूसरी ओर ओजस्वी देशभक्ति गीतों से सभागार में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में नया जोश भर दिया। श्रोताओं की तालियों से पूरा हॉल गूंज उठा।

विजेताओं को मिला सम्मान

पखवाड़े के दौरान निबंध, वाद-विवाद, टिप्पण एवं आलेखन जैसी स्पर्धाओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विजेता अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मंच से पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कार्मिकों ने सरकारी फाइलों से लेकर जनसंवाद तक में हिंदी के अधिकतम और प्रभावी क्रियान्वयन की शपथ ली।

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पं.सत्यम शर्मा

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