
बरेली। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव एक आम समस्या बन चुका है। ज्यादातर लोग इसका कारण काम का दबाव, खराब लाइफस्टाइल या अनिद्रा को मानते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी कुछ गलत ईटिंग हैबिट्स भी सीधे तौर पर मेंटल हेल्थ और हॉर्मोन्स को प्रभावित करती हैं। अस्वस्थ खान-पान शरीर में स्ट्रेस हार्मोन यानी ‘कोर्टिसोल’ का स्तर बढ़ा देता है, जिससे थकान, मूड स्विंग्स और बेचैनी की समस्या घेर लेती है।
1. कैफीन का अत्यधिक सेवन बढ़ाता है एंग्जायटी
चाय, कॉफी या एनर्जी ड्रिंक्स का सीमित सेवन ऊर्जा देता है, लेकिन दिनभर में इनका बार-बार सेवन नर्वस सिस्टम को ओवर-स्टिम्युलेट कर देता है। ज्यादा कैफीन से दिल की धड़कन तेज होना, बेचैनी और अनिद्रा जैसी समस्याएं पैदा होती हैं, जो सीधे तौर पर तनाव को ट्रिगर करती हैं।
2. समय पर न खाना और मील्स स्किप करना
वजन घटाने की होड़ या व्यस्त दिनचर्या के कारण अक्सर लोग लंबे समय तक भूखे रहते हैं या मील छोड़ देते हैं। इससे ब्लड शुगर का स्तर तेजी से नीचे गिरता है। शरीर में ग्लूकोज की कमी होने पर सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और कमजोरी महसूस होती है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ जाता है।
3. अधिक मीठा खाने से बिगड़ता है मूड
मिठाई, केक, पेस्ट्री, चॉकलेट और कोल्ड ड्रिंक्स जैसी चीजें कुछ देर के लिए तो ऊर्जा देती हैं, लेकिन इसके बाद शुगर क्रैश होता है। यानी ब्लड शुगर अचानक गिर जाता है। शर्करा के इस उतार-चढ़ाव से मूड में तेजी से बदलाव (मूड स्विंग्स) और सुस्ती की शिकायत होती है।
4. प्रोसेस्ड और पैकेज्ड जंक फूड की आदत
बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद स्नैक्स, चिप्स और फास्ट फूड में सोडियम, ट्रांस फैट और प्रिजर्वेटिव्स की मात्रा काफी अधिक होती है। इनके नियमित सेवन से शरीर में इन्फ्लेमेशन (सूजन) बढ़ती है और मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जिसका नकारात्मक असर मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर पड़ता है।
5. पोषक तत्वों की कमी वाला असंतुलित आहार
आहार में जब प्रोटीन, फाइबर, विटामिन्स और हेल्दी फैट्स की कमी होती है, तो दिमाग को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। न्यूट्रिएंट्स की यह कमी ब्रेन हार्मोन्स के संतुलन को बिगाड़ देती है, जिससे व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर तनाव महसूस करने लगता है।
बॉक्स आइटम / बचाव के उपाय:
तनावमुक्त रहने के लिए डाइट में करें ये बदलाव:
हाइड्रेटेड रहें: दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
बैलेंस्ड डाइट लें: भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल करें।
समय का ध्यान रखें: लंबे समय तक खाली पेट न रहें, नियमित अंतराल पर हल्का व पौष्टिक खाएं।
चीनी-कैफीन सीमित करें: चाय-कॉफी और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।