
बरेली। रिश्ते में हमेशा विवाद होना ही दूरियों की वजह नहीं होता। कई बार प्यार और अपनापन बरकरार रहने के बावजूद बातचीत कम होने से भावनात्मक दूरी बढ़ने लगती है। विशेषज्ञों के मुताबिक मोबाइल में व्यस्त रहना, दिनभर की छोटी-बड़ी बातें साझा न करना और यह मान लेना कि सामने वाला बिना कहे सब समझ जाएगा—रिश्ते को कमजोर कर सकता है।
पति-पत्नी या पार्टनर के बीच बातचीत जब केवल जरूरी कामों, घर-परिवार और जिम्मेदारियों तक सीमित रह जाती है, तो धीरे-धीरे अपनापन कम महसूस होने लगता है। बार-बार होने वाली बहस के बाद भावनाओं को दबाकर चुप रहना भी दूरी बढ़ाने का कारण बन सकता है।
रिश्ते को मजबूत रखने के लिए रोज कुछ समय सिर्फ एक-दूसरे के लिए निकालें। मोबाइल अलग रखकर बातचीत करें, बिना जज किए साथी की बात सुनें और केवल शिकायतों पर नहीं बल्कि अच्छी बातों और पुरानी सुखद यादों पर भी चर्चा करें। किसी बात से नाराजगी हो तो आरोप लगाने के बजाय अपनी भावनाएं शांत तरीके से साझा करें।