
सुपुर्द-ए-खाक किए गए ताजिये।।
मिर्जापुर, नरायनपुर इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन एवं उनके 72 हमराहियों की शहादत पर यहां ढोलों की मातमी धुनों पर ताजियो का जुलूस निकाला गया, और देर रात नम आंखों से विदाई देते हुए उन्हें कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। हुसैन को याद करते हुए लोगों ने कहा उस हुसैन इब्न हैदर पर लाखों सलाम जिन्हें तीन दिनों तक भूखा प्यासा रखा गया। दसवीं तारीख पर निकाले गए जुलूस के दौरान ताजियों के साथ चल रहे अखाड़ों में नौजवानों ने हैरत अंगेज कर्तव्य दिखाएं।
बताते चलें कि पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके योद्धाओं के शहादत की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम की दसवीं तारीख को बेगपुर, कमालपुर, कोलऊन, कोल्हूआ, सोनई, कतियां, बरी जीवनपुर, भलवा,शाहपुर, नियमदीपुर इत्यादि आसपास के कई गांवों के लोग अपने अपने ताजिए को लेकर बैंड बाजा के साथ बरईपुर कर्बला में पहुंचते हैं, इस दौरान ताजियों को बहुत ही खूबसूरत एवं आकर्षक ढंग से सजाया गया था। बरईपुर कर्बला में मेला लगा था, मेले में हिंदू मुस्लिम एकता व भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। इससे पहले मेले में भारी भीड़ रही, दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं। लोग अपनी जरूरत के हिसाब से सामानों की खरीदारी करते हैं। मेले में खाने पीने से लेकर सभी तरह की दुकान लगाए जाते हैं, इस अवसर पर ताजियादार कमेटी के सदस्यों ने बताया कि यह कर्बला में शहीद हमारे इमाम हुसैन अली सलाम उनके पुत्र और पूरा कुनबा आज के दिन शहीद कर दिया गया था। उनके लिए यह 10 दिन का मुहर्रम मनाया जाता है आज उन्हीं की याद में ताजिया उठाया जाता है, उसे कर्बला में लाकर दफन किया जाता है। सुरक्षा की स्वयं कमान क्षेत्राधिकारी चुनार मंजरी राव अपने हमराहियों एवं थाना अदलहाट व चौकी प्रभारी नरायनपुर अजय कुमार मिश्र पूरे स्टाफ के साथ चुस्त दुरुस्त दिखाई दिए। कहीं कोई अप्रिय घटना ना हो इसके लिए ,सुरक्षा के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा।