
एटा,उपायुक्त उद्योग प्रेमकान्त ने बताया कि जनपद के ओ०डी०ओ०पी० योजनान्तर्गत घुंघरू घंटी एवं अन्य पीतल उत्पाद के अतिरिक्त चिकोरी उत्पाद को प्रदेश सरकार द्वारा शामिल किया गया है। चिकोरी उत्पाद की टूलकिट निर्धारित किये जाने हेतु दिनांक 23 मई 2025 को डा0 नागेन्द्र नारायण मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में चिकोरी उत्पादक किसानों के साथ बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में उपस्थित चिकोरी किसानों एवं एफ०पी०ओ० द्वारा अवगत कराया गया कि चिकोरी प्रोसेसिंग प्लान्ट उद्यमियों से किसानों को चिकोरी बीज रू0 6500 से रू0 7000 प्रति किलोग्राम बिक्री किया जाता है, और किसान के साथ उद्यमी के साथ अनुबन्धपत्र रू0 700 प्रति कुन्तल के हिसाब से किया जाता है, परन्तु बाद में उद्यमी चिकोरी को कम रेट पर क्रय करते हैं। इस सम्बन्ध में श्री प्रेमकान्त, उपायुक्त उद्योग द्वारा बताया गया कि किसानों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुये चिकोरी को जनपद के ओडीओपी उत्पाद में शामिल किया गया है। शीघ्र ही समस्याओं का निदान कराया जायेगा । मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिये गये कि चिकोरी किसानों द्वारा जो टूल्स बताये गये हैं, उनका बाजार से रेट ज्ञात करके, चिकोरी टूलकिट के सम्बन्ध में अग्रेत्तर कार्यवाही करायी जाये। किसानों से अपेक्षा की गई कि चिकोरी को पाउडर फार्म में तैयार करने हेतु तथा चिकोरी लिक्यूड पेय पदार्थ के रूप में लाया जा सकता है, इसकी जनपद में औद्योगिक इकाईयों की स्थापना अवश्य करें, जिसके लिये प्रदेश सरकार की ओ०डी०ओ०पी० वित्त पोषण योजनान्तर्गत अधिकतम रू0 2.00 करोड तक का ऋण बैंकों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है, ऋण पर सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। बैठक में चिकोरी किसान, एफ०पी०ओ० दुर्बीन सिंह, सुबेदार सिंह, किताब सिंह, लाल सिंह, गोपाल मिश्रा, एफ०पी०ओ०. श्री नाथ निर्मल राधा आर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर क०लि०, जैथरा, अनिल कुमार, पुष्पेन्द्र कुमार, अरविन्द कुमार, ग्राम सराय जवाहरपुर, उपस्थित थे।