
टेंडर के बिल भुगतान करने के नाम पर ठेकेदार ने लगाया चेयरमैन प्रतिनिधि पर पैसे मांगने का आरोप
ठेकेदार लगातार काट रहा था चेयरमैन व प्रतिनिधि के चक्कर,नही हो रहा था भुगतान
ठेकेदार ने डीएम व कमिश्नर को कल लिखा था पत्र, आज की सीएम से शिकायत
ठेकेदार ने दी कार्रवाई व बिल भुगतान न होने पर जल्द परिवार सहित आत्महत्या करने की चेतावनी
सहारनपुर जनपद की सरसावा नगर पालिका के चेयरमैन प्रतिनिधि राजू पवार पर लगे भ्रष्टाचार के मामले में जहां एक और डीएम कमिश्नर को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई है तो वहीं दूसरी ओर यह भ्रष्टाचार का मामला मुख्यमंत्री दरबार भी पहुंच चुका है। सरसावा के रहने वाले ठेकेदार रोहित कुमार ने सीएम दरबार में शिकायत करते हुए बताया कि वह नगर पालिका सरसावा में पंजीकृत ठेकेदार हैं उन्होंने नगर पालिका 2024 में 6 कार्य किए थे। उनके बिल अवर अभियंता के द्वारा बनाए गए हैं. जिनमें दो कार्य 4 नवंबर 2024 के हैं तथा शेष चार कार्य 12 जनवरी 2025 के हैं। जिनके बिल पर अवर अभियंता के हस्ताक्षर व मोहर भी लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि अधिशासी अधिकारी हस्ताक्षर भी बिल पर है। लेकिन पालिका अध्यक्ष द्वारा बिल पर ना हस्ताक्षर की जा रहे हैं नाहीं भुगतान किया जा रहा है। वह बार-बार चेयरमैन व उनके पति प्रतिनिधि के पास बिल भुगतान हेतु चक्कर लगा रहा हैं। लेकिन बिल भुगतान की बजाय पालिका अध्यक्ष व प्रतिनिधि राजू पवार उनसे पैसों की मांग कर रहे हैं।
??ठेकेदार ने डीएम व कमिश्नर के बाद सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत
सरसावा के रहने वाले पालिका के पंजीकृत ठेकेदार रोहित कुमार ने पूरे मामले को लेकर सहारनपुर जिलाधिकारी तथा सहारनपुर मंडल के कमिश्नर को दिए गए शिकायती पत्र के बाद अब सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है। ठेकेदार रोहित ने पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि के खिलाफ शिकायत दर्ज करते हुए कहा उनके द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान की एवज में चेयरमैन प्रतिनिधि उनसे लाखों की डिमांड कर रहे हैं उनका भुगतान करीब 25 से 30 लाख रुपए का है। जो कि नहीं किया जा रहा है जिसकी वजह से उनके सामने आर्थिक तंगी खड़ी हो गई है। वह बच्चों की फीस भी जमा नहीं कर पा रहा है। इसके साथ ही मानसिक रूप से भी उनका उत्पीड़न हो रहा है। सीएम हेल्पलाइन पर ठेकेदार रोहित ने शिकायत कर न्याय की मांग की है।
??राज्य वित्त के ठेके देने से भी इंकार…
पालिका में पंजीकृत ठेकेदार रोहित का कहना है कि एक और उनके कामों का भुगतान नहीं हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर राज्य वित्त के तहत मिलने वाली टेंडर प्रक्रिया में भी उसको शामिल होने से चेयरमैन प्रतिनिधि द्वारा इनकार किया जा रहा है ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिरकार स्थानीय ठेकेदारों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल करने के लिए सरकार तरह-तरह के नए नियम लागू कर रही है ताकि स्थानीय ठेकेदारों को भी काम करने का मौका मिल सके। लेकिन सरकार की सहयोगी बनकर काम करने वाली नगर पालिका की सरकार के चेयरमैन प्रतिनिधि सरकार के बनाए गए नियमों के खिलाफ ही चलने का काम कर रहे हैं।
अब दूसरी ओर एक सवाल यह भी खड़ा होता है कि आखिरकार नगर पालिका में काम करने वाले ठेकेदारों के साथ इस तरह का बर्ताव करना कहां तक ठीक है या फिर यह माना जाए नगर पालिका के अध्यक्ष प्रतिनिधि अपने चुनिंदा ठेकेदारो को शामिल कर अपने फायदे को देख रहे है। जिससे स्थानीय ठेकेदार परेशान होकर आगे ठेकेदारी में शामिल ना हो पाए हैं।