
एटा मुख्य विकास अधिकारी डा0 नागेन्द्र नारायण मिश्र ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि माह मार्च से गरमी का प्रकोप तेजी से बढ रहा है। ऐसी स्थिति में पेयजल की समुचित व्यवस्था होना आवश्यक है। आप अपने अधीनस्थ क्षेत्रीय कर्मचारियों के माध्यम से यह सुनिश्चित करा लें कि पीने हेतु पानी के लिए जो हैण्डपम्प स्थापित है, वह क्रियाशील होने चाहिए, यदि कहीं भी अक्रियाशील पाये जाए तो उन्हें तत्काल क्रियाशील स्थिति में लाया जाए। यह भी अनुमान है कि आगामी माहों में गर्मी का प्रकोप और अधिक होने की सम्भावना है। ब्लाक मुख्यालय पर एक कन्ट्रोल रूम स्थापना की जाए। इस कन्ट्रोल रूम में पंजिका संधारित कराई जाए जिसमें पेयजल से आने वाली शिकायतों का अंकन किया जाए तथा प्राथमिकता के आधार तत्काल उनका निराकरण कराया जाना अति आवश्यक है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता/ लापरवाही न हो। आप जब भी क्षेत्र में भ्रमणशील हो तो इसका स्वयं संज्ञान लेते रहे कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल की कोई दिक्कत/किल्लत न हो।