दोषियों पर कार्यवाही को अड़े अभिलेखों में जीवित हुए किसान रामौतार

दोषियों पर कार्यवाही को अड़े अभिलेखों में जीवित हुए किसान रामौतार, मृत दर्शा कर महिला और उसके 3 बेटों के नाम कर दी थी वारसी, एसडीएम ने बिठाई थी जांच, जांच बाद अभिलेख हुए दुरुस्त।
बाह। मृत दर्शाए गये किसान भू अभिलेखों में जिंदा हो गये हैं। जांच के बाद तहसीलदार ने पहले के आदेश को निरस्त कर दिया है। लेकिन किसान ने दोषियों पर कार्यवाही की मांग को लेकर पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र लिखा है। नगला भरी के मजरा पुरा रामनीक गांव के किसान रामौतार सिंह को भू अभिलेखों में मृत दर्शा कर एक महिला और उसके 3 बेटों के नाम वारसी कर दी गई थी। मामला तब सामने आया, जब 17 जनवरी को तहसील बाह में किसान फार्मर रजिस्ट्री के लिए खतौनी की नकल लेने पहुंचे थे। लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने 15 अप्रैल 2022 को उन्हें मृत दर्शा कर महिला मुलिया देवी, दिनेश, दीपक, नरेश के नाम वारसी कर दी थी। उन्होंने एसडीएम सृष्टि से खुद को जिंदा बताते हुए भू अभिलेख दुरुस्त कराने और दोषियों पर कार्यवाही की मांग की थी। एसडीएम ने तहसीलदार को जांच सौंपी थी। 25 जनवरी को राजस्व निरीक्षक सिद्धार्थ राना ने गांव पहुंच कर जांच की तो पता चला कि एक ही नाम के दो व्यक्ति होने की बजह से गलत वारसी दर्ज हुई है। तहसीलदार विजय श्याम ने राजस्व निरीक्षक की जांच के बाद भू अभिलेखों को दुरुस्त कर दिया है। पूर्व के आदेश को निरस्त कर दिया है। भू अभिलेख दुरुस्त होने के बाद किसान रामौतार सिंह ने पुलिस आयुक्त को संबोधित पत्र में दोषियों पर मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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