
खाद्य-पदार्थों में यूरिन और थूक मिलाने बाले एसे लोग अपने भविष्य से अंजान है कि दो बक्त की रोटियां कमाना इनके लिए कितना मुश्किल होने बाला है– यह अपनी ही गंदी सोच से तबाही को खुद निमंत्रण दे रहे हैं कौन देगा काम इन गंदी मानसिकता बालों को और कौन रखेगा फिर चाहे घरों में कामवाली हो या दुकानों पर– स्वास्थ्य और सद्धीकरण को मद्देनजर रखते हुए अब खाना सिर्फ घर का बना खाना ही उचित रह गया है आप अब कितनी ही शक्ति से पेश क्यों न आए एसे लोगो की मानसिकता पर खास असर नहीं पड़ने वाला, लेकिन इसका परिणाम इन काम बालों को खुद नहीं पता कि एसी मानसिकता से यह अपने निवाले खुद खत्म कर रहे हैं भविष्य में इन्हें अपनी रोटियां कमाना मुश्किल हो जाएगा इतनी गंदी सोच का इंसान हो सकता है कभी सोचा भी नहीं था यह विषय सर्वोपरि सोचने का है इसपर शक्ती से पेश आना जरूरी है आत्मा को दूषित करने से बड़ा गुनाह और क्या हो सकता है। दीप्ति