नगर पालिका परिषद की मनमानी के चलते शहर वासी अधेरे की नर्कीय जिंदगी जीने को मजबूर


एटा समाचार
नगर की गली मोहल्ले सडके आदि अधेरे का वोलवाला वोल रही है । यह सव नगर पालिका परिषद एटा का नाकामी का नजारा देखने को मिल रहा है नगर की सड़को पर लगे विजली के पोलो पर आप नजर डाले तो कही आपको लाइट तो लगी नजर आएगी मगर उसमे रौशनी नही होगी ओर कही पोल पर लाइट ही नही लगी होगी क्या कारण है जो एटा नगर अधेरे की नर्कीय जिंदगी जीने को मजवूर है ।
मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद द्वारा नवम्वर 2020 मे ई ई एस एल कम्पनी को ठेका दिया गया था जिसमे इस कम्पनी द्वारा शहर की सड़क व गली मोहल्लो मे स्ट्रीट लाइट लगाना व पहले से लगी लाइटो को सही करना मतलव शहर को लाइटो द्वारा जगमगाती रौशनी से शहर को चमकाने का जिम्मा दिया गया था ।
लेकिन यह नगर पालिका परिषद द्वारा की गई व्यवस्था सव फेल नजर आ रही है।
जब शहर इस अधेरे की नर्कीय जिन्दगी जीने को मजवूरी की जानकारी हमारे जिला संवाददाता ने ई ई एस एल कम्पनी के कॉन्ट्रेक्टर अनिल शर्मा व इंजीनियर अंकित सिंह से ली तो पता चला कि नगर पालिका परिषद एटा की कारगुजारी की मार झेल रहा है एटा शहर ।
कम्पनी के कांट्रेक्टर व इंजीनियर ने वताया कि नवम्वर 2020 मे हमारी कम्पनी को नगर पालिका परिषद एटा द्वारा शहर मे लाइटे लगाने का जिम्मा सोपा गया था जिसको ई ई एस एल कम्पनी ने नवम्वर से ही अपने कार्यो का दायत्व निभाना प्रारम्भ कर दिया था।
जिसमे कम्पनी के वर्करो द्वारा नगर की गली मोहल्लो व सड़को पर लगे पोलो पर स्ट्रीट लाइट ,तार ,क्लिम्प आदि जैसे सभी समान से अपने खर्चे से कम्पनी ने कार्य कराना प्रारम्भ कर दिया लेकिन नगर पालिका परिषद से कम्पनी का कोई भुगतान नही किया गया जिससे कम्पनी लॉस उठाने की कगार पर पहुंच गई ओर कम्पनी ने अपना कार्य सिलो अवशथा मे कार्य करना प्रारम्भ कर दिया । जिससे शहर की जगमगाती लाइट व्यवस्था चरमरा गई है यह सव नगर पालिका परिषद एटा की ना कामी को दर्शाते हुए शहर अधेरे की नर्कीय जिन्दगी जीने को मजवूर हो रहा है ।
ओर कम्पनी के इंजीनियर ओर कॉन्ट्रेक्टर ने वताया कि नवम्वर2020 से लेकर अभी तक नगर पालिका परिषद एटा द्वारा कम्पनी को एक रुपये तक का कोई भुगतान नही किया गया है ।
कॉन्ट्रेक्टर ने वताया कि भुगतान को लेकर कम्पनी द्वारा नगर पालिका परिषद को कई वार् अवगत कराया गया मगर नगर पालिका परिषद इस वात पर कोई ध्यान नही दे रही है इसी वजह से शहर अधेरे मे लुप्त होने की कगार पर पहुंच रहा है ।
रिपोर्ट__दिनेश चंद्र शर्मा

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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