एटा महोत्सव में समपन्न हुुऐ अ.भा.पत्रकार सम्मलेन में पत्रकारिता की दशा एवं दिशा पर हुई व्रहद चर्चा………………
====================( डीएम.एससपी.विधायकगंण व न्यायमूर्तियों ने किया प्रतिभाग )

एटा ! राजकीय जिला कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी के बैनर तले आयोजित एटा महोत्सव के अंतर्गत गत सोमवार को वरिष्ठ पत्रकार राकेश भदौरिया के संयोजन में अखिल भारतीय पत्रकार सम्मेलन का भव्य आयोजन जिला पंचायत सभागार में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में आगरा खंड स्नातक शिक्षक के एमएलसी मानवेन्द्र प्रताप सिंह सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों के रूप में विधायक मारहरा वीरेंद्र लोधी,जिला अधिकारी प्रेम रंजन सिंह,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह,अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण कमालुद्दीन, अपर पुलिस अधीक्षक धनञ्जय सिंह कुशवाहा उपस्थित थे। पत्रकार सम्मलेन की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार नेत्रपाल सिंह चौहान ने की।
इस अवसर पर सर्व प्रथम राहुल गुप्ता एडवोकेट / पत्रकार ने पत्रकार सम्मलेन के विषय वर्तमान में भारतीय पत्रकारिता की दशा एवं दिशा का विषय प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की दिशा सही है केवल हमें पत्रकारिता के बदलते स्वरुप के अनुकूल पत्रकारिता के स्तर को बनाये रखना चाहिए।
इसके बाद विषय पर बोलते हुये सर्वोदय इंटर कालेज के प्राचार्य विजय मिश्रा ने कहा कि पत्रकारिता में आज सबसे ज्यादा शोषण संस्थानों के मालिकों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता करना बहुत ही दुरूह कार्य होता जा रहा है।
इस विषय पर बोलते हुये पत्रकार शैलेंद्र उपाध्याय ने कहा कि आज पत्रकारिता का दौर बदल गया है। ऐसे में पत्रकार को भी बदलावो के अनुसार बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की पत्रकारिता में खतरे भी अधिक बढ गए हैं।
पत्रकार राजीव वर्मा ने अपने उद्बोधन में सोशल मीडिया के बढ़ते हस्तक्षेप का जिक्र करते हुये कहा कि आज की पत्रकारिता बहुत तेज हों गयी है। ऐसे में पत्रकारों का दायित्व और भी बढ जाता है। एटा प्रेस क्लब के अध्यक्ष देवेश पाल सिंह ने कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता की दशा अच्छी नहीं है। पत्रकार को स्वतंत्र रूप में खबर लिखने के लिए कई बार सूचना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता का स्तर गिर चुका है कि कोई भी अपने बेटों को पत्रकार नहीं बनाना चाहता है।
पत्रकार संजीव गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता के मायने बदल गए हैं। ऐसे में नयी दौर की पत्रकारिता में बहुत गिरावट आयी है।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के मण्डल अध्यक्ष राम नरेश चौहान ने कहा कि वर्तमान में ग्रामीण पत्रकारिता में भी चुनौतियां बढ़ीं हैं। आज सोशल मीडिया की मार से ग्रामीण पत्रकारिता भी चुटैल हो रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नेत्र पाल सिंह चौहान ने कहा कि हमारे दौर की पत्रकारिता में प्रतियोगिता नहीं थी आज गला काट प्रतियोगिता है।
पत्रकार सुनील मिश्रा ने कहा कि पत्रकारिता की दशा न पहले ठीक थी और न ही आज ठीक है। पत्रकारों को आज भी सही खबर लिखने पर खतरों का सामना करना पड़ता है। पत्रकारिता करना आज भी कठिन है।
पत्रकार उमाकांत तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता में पेड़ न्यूज़ जैसी प्रवृत्ति आज भी विधमान है। चुनावों में फिर पेड़ न्यूज़ लगेगी।
पत्रकार बबलू चक्रवर्ती ने कहा कि आज भी पत्रकारिता में एक ऐसा वर्ग मौजूद है जो ख़बरों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करता।
पत्रकार महेश सोलंकी ने कहा कि बड़े अखवारों में पत्रकारिता करना बहुत आसान है लेकिन जो छोटे पत्रकार हैं उनको पत्रकारिता की कीमत चुकानी पडती हैं।
इस अवसर पर बोलते हुये अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण कमालुद्दीन ने कहा कि पत्रकारिता को करते समय अच्छे पत्रकार को कानूनी पहलुओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।पत्रकारिता की दशा व दिशा वही होगी जो हम निर्माण करेंगे।
अपर पुलिस अधीक्षक धनञ्जय सिंह कुशवाह ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में पत्र कारो के सामने सबसे बडा चैलेंज ये है कि वे किस हद तक अपने समाचारों में विश्वस नियता का समावेश करते हैं।
इस अवसर पर बोलते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता में भी कुछ अयोग्य और अपराधी टाइप के लोग भी पत्रकारिता में घुस आये हैं। इनके विरुद्ध पत्रकारों को ही छटनी अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को साफ व स्वच्छ बनाये रखने की जिम्मेदारी भी पत्रकारों की ही है।
इस अवसर पर बोलते हुये जिला अधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने पत्रकारिता के लिए कोई सर्व मान्य कोड ऑफ़ कंडक्ट की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं विक्की पीडिया के एडिटर रहे हैं और यू ट्यूब के लिए भी काम किया है।उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता और प्रमाणिकता साफ दिखनी चाहिए।
इस अवसर पर बोलते हुये मारहरा के विधायक वीरेंद्र लोधी ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों को लिखने के लिए पर्याप्त स्वतंत्रता है। मोदी सरकार में पत्रकारों के हितो की रक्षा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
इस अवसर पर बोलते हुये मुख्य अतिथि एमएलसी मानवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान में सोशल मीडिया के उदय के कारण मीडिया को बहुत बड़ी चुनौती मिल रही है। उन्होंने कहा कि मीडिया की ताकत आज भी सर्वमान्य है और वर्तमान समय में मीडिया को पूरी स्वतंत्रता भी है। मोदी सरकार में पत्रकारों पर हमले नहीं हो रहे हैं और न ही उनका उत्पीड़न हों रहा है।
इस अवसर पर बोलते हुये पत्रकार सम्मलेन के संयोजक वरिष्ठ पत्रकार राकेश भदौरिया ने कहा कि वर्तमान पत्रकारिता की दशा एवं दिशा दोनों ही सही है। पत्रकारों को सही लिखने से कोई नहीं रोक सकता और भारतीय पत्रकारिता का भविष्य उज्जवल है।
अंत में वरिष्ठ पत्रकार नेत्र पाल सिंह चौहान ने अपने अध्यक्षीय उदबोधन में कहा कि वर्तमान में पत्रकारिता के मूल्यों में भी गिरावट आयी है। उन्होंने कहा कि पहले पत्रकारिता एक मिशन थी और अब इसको कारपोरेट संस्थानों ने घेर लिया है जिसके कारण पत्रकारिता में पहले जैसी स्वतंत्रता नहीं रही। उन्होंने इस अवसर पर अपने अनुभव भी साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति के अध्यक्ष राहुल गुप्ता ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। पत्रकार सम्मलेन का संचालन पत्रकार राकेश भदौरिया ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी पत्रकारों और अतिथियों को मोमेंटो और शाल प्रदान कर उनका स्वागत किया गया। इस सवसर पर सभी के लिए सह भोज का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों पत्रकार व गणमान्य लोग उपस्थित थे।