आजाद भारत में कर्पूरी जैसा व्यक्तित्व मिलना दुर्लभ – डॉ. जे.पी.
जननायक कर्पूरी ठाकुर के जन्मशताब्दी वर्ष पर संगोष्ठी का आयोजन

गोरखपुर। एआईएमसीईए उ. प्र. जनपद इकाई गोरखपुर के तत्वावधान में सामाजिक न्याय के पुरोधा, दबे कुचले, अति पिछड़े वर्ग के मसीहा, बिहार प्रान्त के पूर्व मुख्यमन्त्री, जन-जन के नायक कर्पूरी ठाकुर का जन्म शताब्दी समारोह, प्रेस क्लब में धूमधाम से मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि माननीय डॉ० जे० पी० शर्मा ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी ने सादा जीवन उच्च विचार का एक ऐसा आदर्श प्रस्तुत किया जो आजाद भारत में किसी नेता में मिलना दुर्लभ है। उन्होंने आम जनमानस की पीड़ा को दिल से महसूस किया और अवसर मिलते ही, उनकी पीड़ा को दूर करने के लिए काम किया इसीलिए जननायक कहलाये। विशिष्ठ अतिथि प्रेमनारायण नन्द ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर ईमानदारी और सादगी के मिशाल थे। बिहार के उप मुख्यमन्त्री, दो बार मुख्यमन्त्री एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहने के बाद भी मृत्यु के उपरान्त उनका घर एक झोपड़ी के रूप में था। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व सर्वदा अनुकरणीय है।समारोह के मुख्या वक्ता माननीय सुदामा प्रसाद नन्द ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर का सम्पूर्ण जीवन संघर्षों से भरा रहा। बिहार जैसा राज्य जहाँ सामंतवादी व्यवस्था चरम पर थी। ऐसे प्रतिकूल परिस्थितियों में अपने चिंतन ,मनन और अदम्य साहस के साथ निर्णय लेने की क्षमता ने भारत के राजनीतिक फलक पर ऐसी चमक फैलाई कि पूरे देश में अतिपिछड़े वर्ग का पृथक आरक्षण, महिलाओं को आरक्षण, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आरक्षण की मांग उठने लगी। बहुत से राज्यों ने अपने राज्य में लागु भी कर दिया । उनकी उदारता, मृदुभाषिता, ईमानदारी और संघर्षों का परिणाम है कि आज पूरा देश उनकी जन्मसदी मन रहा है। हमे जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवनवृतान्त से प्रेरणा लेकर, भारतीय संविधान की रक्षा करते हुए, समाज के दबे-कुचले लोगो को वास्तविक आजादी दिलाने के लिए कार्य करना होगा। यही हमारे संगठन का लक्ष्य है।
समारोह की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जयप्रकाश नन्द ने किया। अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में उन्होंने कहा कि दुबे कुचलो की आवाज, सामाजिक चिन्तक न्याय के पुरोधा जननायक कर्पूरी ठाकुर के जन्मसदी वर्ष में हम अपने संगठन के माध्यम से, भारत सरकार से भारत-रत्न सम्मान देने की मांग करता हूँ। समारोह के मंच का कुशल संचालन ए आई एम सी ई ए उ .प्र. के प्रदेश मीडिया प्रभारी विनय कुमार नन्द ने किया। जननायक कर्पूरी ठाकुर के संघर्षमय जीवन से प्रेरणा लेकर एक विकसित और समानता पर आधारित समाज और देश की संकल्पना विनय जी के संचालन की विशेषता रही। इसके अलावा जिला सचिव श्रीभागवत नन्द, कोषाध्यक्ष बचऊ नन्द, रामानन्द, मण्डल अध्यक्ष रवि कुमार नन्द, मण्डल सचिव अरविन्द नन्द, साधूसरण नन्द, विकास नन्द, नकछेद नन्द, रामकरन नन्द, आर डी नन्द ने भी अपने अपने विचार रखे। समारोह में देवेन्द्र शर्मा, रामाश्रय ( भगत जी) उमेश शर्मा, अशोक नन्द, संगम नन्द शर्मा मीडिया प्रभारी आदि उपस्थित रहे।