एटा

मानवीय कार्य करके मानवता को जीवित रखने बाले लोग भले किसी न किसी रूप में जनपद का मान बड़ा रहे हों, लेकिन उनके अपने मान के प्रति कोई गम्भीर नहीं हैं । ऐसे में क्या नहीं लगता कि ऐसे मानवता की मूरत लोगों को सम्मानित कर आमजन में मानवता की भावना उतपन्न की जाये । अगर मुझे और मेरी भावनाओं को समझा जाये तो जनपद के ऐसे सभी लोगों का एटा में आयोजित होने बाली जिला कृषि एवं औधोगिक विकास प्रदर्शनी के रंग मंच पर प्रमुख अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए ताकि आमजन को मानवीय कार्य करने की प्रेणना मिल सके । सम्मान पाने बालों की श्रंखला में अनगिनत डूबते लोगों को हजारा नहर से निकालने बाले श्री जुगेंद्र राठौर जी तैराक और अपनी निजी भूमि को अस्पताल बनाने के लिये सरकार को दान करने बाले धुमरी निवासी व्यवसाई श्री सुनील अग्रवाल जी, देश की रक्षा में सीमा दुश्मनों से लोहा लेते शहीद हुये सैनिकों के परिजनों, सहित अन्य तमाम क्षेत्रों में मानवता की मिशाल पेश करने बालो की सूची तैयार कर उन्हें सम्मान की श्रंखला में शामिल किया जाना अति आबश्यक हैं ।