संगठित महिलाओ से ही दूर होंगी समाज की बुराईयां।

वाराणासी में एल आई सी का लोकप्रिय महिला विंग वी डी आई ई ए महिला प्रकोष्ठ का 17 वां अधिवेशन का हुआ आरम्भ तथ अपने उदघाटन भाषण में उत्तर मध्य क्षेत्र के महामंत्री साथी राजीव निगम के कहा कि राष्ट्र आज दोहरी मानसिकता के शिकार हो रहा है एक तरफ समाजवाद की चर्चा चलती है और दूसरी तरफ साम्राज्यवाद हाबी है पूँजीपति का एकाधिकार होता जा रहा है श्रम कानून बदलाव के दौर में है वर्किंग क्लास खतरे में है महिला सुरक्षा सुविधा मे विशेष प्रगति नहीं है। आज सारे महिलाओ को एक जुट होकर संगठित होकर अपनी आवाज को बुलंद करनी होगी अतः महिलाओ को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी।
अपने उद्बोधन भाषण में साथी राजीव निगम जी बनारस के सभी महिला साथी गण को अपने सफल अधिवेशन के लिए बधाई दिए।
मुख्य अतिथि साथी गीता शान्त महिला सशक्तिकरण पर जोर दिए उन्होंने कहा कि आज महिला पुरुष कोई भेद बचा नहीं है सबको मिलकर सरकार के मेहनतकश विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष करना होगा कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा।
मैडम गीता शांत ने कहा कि पुरानी पेंशन एक सामाजिक सुरक्षा है परिवारिक जरूरत व व्यक्ति की आवश्यकता को पूरा करने के लिए एक बड़ा सहारा होता है पेंशन जिसे छीना जाना गलत है और पेंशन खत्म किया जा रहा है मैडम गीता बोली कि कर्मचारियों का वेतन बरौत्तरी पिछले सात साल से ड्यू है लेकिन आजतक सेटेल नहीं हुआ है और इसका संघर्ष अब जरूरी है।
इंडियन ओवरसीज बैंक के शाखा प्रबंधक मैडम रानी टुडू अपने शुभ कामना संदेश में कहीं की महिलाओ का अधिवेशन के नाम पर इकट्ठा होना यह एक शुभ संकेत है मैडम बोली कि भारत में रेप गरीबी स्वास्थ्य शिक्षा इत्यादि का मार सबसे ज्यादा महिलाओ को झेलना पड़ता है। समाज के सोच को बदलने के लिए महिलाओ को सामुहिक संघर्ष जागरुकता लाना होगा।
यह अधिवेशन आगामी संघर्ष की दशा और दिशा तय करेगा और महिला पुरुष को कंधा से कंधा मिलाकर चलना होगा।
अधिवेशन में मुख्य रूप से साथी नारायण चटर्जी अध्यक्ष वी डी आई ई ए बिनोद कुमार श्रीवास्तव महामंत्री वी डी आई ई ए और कामरेड विश्वनाथ यादव उपाध्यक्ष पेंशन यूनियन उपस्थित होकर शुभकामना व्यक्त किए l आगामी सत्र हेतु निम्न महिला पदाधिकारी चुने गए। तथा सभा में बलिया गाजीपुर जौनपुर सोनभद्र मिर्जापुर भदोही चंदौली और वाराणसी शहर के लगभग 110 महिलाए सभा में उपस्थित थीं l