देवों के आगमन से काशी की भूमि हुई प्रकाशमय।
वाराणसी

चैतन्य योग सेवा संस्था द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी काशी की प्राचीनतम परंपरा वैभव एवं विश्व विख्यात देव दीपावली के पावन अवसर पर काशी के चौसट्टी घाट पर किया गया महादीपदान। पौराणिक मानता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवो के देव महादेव ने असुरो का वध कर के काशी आए थे एवं उसके पश्चात सभी देवी देवता काशी आए थे इसी अवसर पर काशी में देव दीपावली की अत्यधिक महत्त्व है इसी प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए चैतन्य योग सेवा संस्था विगत 7 वर्षों से चौसट्टी घाट पर निरंतर दीपदान करता आ रहा है। देव दीपावली के संध्या पर चैतन्य योग सेवा संस्था के विद्यार्थियों एवं सदस्यों ने योगीराज श्यामाचरण लाहिडी महाशय के चरण कहे जाने वाले चौसट्टी घाट पर 11000 दीप प्रज्ज्वलित किया गया। दीपों के प्रकाश से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो की साक्षात अग्नि देव पधार चुके हैं। कार्यक्रम में चैतन्य योग सेवा संस्था के अध्यक्ष कमलेश पटेल सचिव आशीष टंडन संरक्षक वी वी सुंदर शास्त्री विजय जायसवाल गुरु प्रसाद उपाध्यक्ष किशन मिश्रा महिला उपाध्यक्ष नीलू मिश्रा दीपक शोभित ऋषभ देव रोहित चैतन्य श्रेयांस सागर विशाल स्वयं नीरज नरेंद्र मनोज वैभव उपाध्याय वैभव विश्वकर्मा सूर्या अर्चना अपर्णा सृष्टि सरगम निकिता रानी गरिमा हनी कनक अदिति श्रीजिता आदि सदस्य उपस्थित रहे।