
लखनऊ……आज राजभवन के सामने जो हुआ वो सिस्टम के हिसाब से बिलकुल ठीक नही हुआ लेकिन उसके बाद जो सूबे के उप मुख्यमंत्री ने किया वो काबिले तारीफ है । जिन्हे नही पता उन्हे बता दू की आज एक गरीब अपनी पत्नी को रिक्शे से लेकर अस्पताल जा रहा था राजभवन के ठीक सामने उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और सड़क पर ही उसने एक बच्चे को जन्म दिया जो जीवित नहीं बच पाया । किसी ने ना एंबुलेंस बुलाने की जहमत उठाई और सड़क पर चलने वाले किसी भी वाहन ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की जहमत उठाई लेकिन इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तैरने लगा और यूपी में बीजेपी सरकार को कोसना शुरू हो गया । उसके बाद क्या हुआ ये भी जानना जरूरी हैं । सूबे के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक अपनी पत्नी के साथ खुद अस्पताल पहुंचे और उस महिला की सेहत की जानकारी ली और तस्वीर प्रमाण है की किस तरह से वो खुद उस नवजात बच्चे के अंतिम संस्कार में खुद मौजूद रहें । कोसना , लानते भेजना , दोषारोपण करना तो आसान है लेकिन ऐसी घटना के बाद खुद आगे आकर जिम्मेदारी लेना आसान नहीं है । बृजेश पाठक ने वास्तव में आज महानता दिखाई है । अगर सड़क पर हुए प्रसव पर लानत मलानत भेजनी है तो भेजिए लेकिन जो काम आज बतौर स्वास्थ मंत्री रहते हुए ब्रजेश पाठक ने की वो भी तारीफ के काबिल है।