
.एटा, शोक – संवेदना
——————- निवर्तमान अध्यक्ष कलेक्ट्रेट वॉर असोसिशन, एटा श्री राम नरेश मिश्रा के बड़े भाई श्री राम नाथ मिश्रा के असामायिक निधन का दुःखद समाचार सुनकर समूचा अधिवक्ता परिवार स्तब्ध एवं शोकाकुल है। हम सभी प्रार्थना करते हैं कि ईश्वर पंच तत्व में विलीन पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करे एवं उनके परिजनों को यह गहन आघात वहन करने की शक्ति, क्षमता एवं सामर्थ्य प्रदान करे। निःसन्देह श्री राम नाथ मिश्र जी कर्म साधना के प्रेरक, सादगी के पर्याय, तेजस्विता के धनी व्यक्तित्व, प्रखर समाजसेवी एवं विशुद्ध भारतीय संस्कृति के संवाहक थे। यह सच है कि पुण्य आत्माएँ कभी मरती नहीं अपितु अपनी प्रभावी कर्मसाधना से सदा के लिए अपनी जीवंतता प्रमाणित कर लेती हैं। मैं स्वर्गीय श्री राम नाथ मिश्रा जी को अपनी भाव - भीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ साथ ही शब्द सुमन अर्पित करते हुए शोक संवेदना व्यक्त करता हूँ। तुम जीवित थे तो सुनने को जी करता था। तुम चले गए तो गुनने को जी करता है। तुम सिमटे थे तो सहमी -सहमी साँसे थी। तुम बिखर गए तो चुनने को जी करता है। ॐ शांति! ॐ शांति! ॐ शांति! -- डॉ अरुण कुमार उपाध्याय (एडवोकेट) उद्घोषक, कवि एवं साहित्यकार