अपंजीकृत में प्रसव कराने वाली आशाओं पर होगी एफआईआर

एटा, । कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति, संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने कहा कि क्षेत्र में संचालित अपंजीकृत अस्पतालों के संचालन में आशाओं की संलिप्तता होने, गर्भवती को अपंजीकृत अस्पताल पर ले जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित की सेवा समाप्त की जाए। साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।
समीक्षा बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि अपंजीकृत क्लीनिक व झोलाछाप पर प्रसव किसी भी दशा में नहीं होना चाहिए। एमओआईसी की अहम जिम्मेदारी है। उनके क्षेत्र में अपंजीकृत अस्पताल संचालित न हो। नोडल अधिकारी नियमित रूप से साप्ताहिक समीक्षा करें। लापरवाही मिली तो नोडल अधिकारी पर भी कार्रवाई की जाएगी। आशा से कराए जा रहे कार्य की नियमित रूप से बीपीएम व एमओआईसी से समीक्षा की जाए। दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने वाली आशाओं का चिह्नांकन कर सेवा समाप्त करें। ग्रामीण क्षेत्र में सफाई की नियमित मॉनीटरिंग की जाए। नाले-नालियों की नियमित रूप से सफाई हो। जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को टीकाकरण सत्र के दौरान ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस के साथ प्रतिभाग किया जाए।
डीएम ने कहा कि वर्तमान में संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान के व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करते हुए जनता को जागरूक करें। ताकि लोग इन रोगों से बचाव कर सकें। बैठक में डीडीओ प्रवीन कुमार राय, सीएमओ डॉ. यूके त्रिपाठी, एसीएमओ डॉ. राम सिंह, डीपीआरओ केके सिंह, प्रभारी डीपीओ संजय सिंह सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारीगण, एमओआईसी, बीपीएम, बीसीपीएम आदि मौजूद रहे।