साभार
*भारतीय मीडिया फाउंडेशन*
*विश्व का आध्यात्मिक लोकतंत्र है सनातन धर्म एवं सिंधु घाटी की सभ्यता*।

मित्रों आज हम चर्चा करेंगे सनातन धर्म के विषय में सही मायने में सनातन धर्म विश्व का एक ऐसा धर्म है जो आध्यात्मिक लोकतंत्र है।
सनातन धर्म का दूसरा नाम सिंधु धर्म है जिसे विदेशियों ने अपनी भाषा में सिंधु को हिंदू कह दिया सनातन धर्म के लोगों के लिए सिंधु की जगह हिंदू शब्द का इस्तेमाल किया गया जो एक गाली के समान है।
विश्व में एक धर्म है जो सनातन धर्म है और उसका दूसरा नाम है तो वह सिंधु घाटी की सभ्यता यानी सिंधु धर्म है।
बाकी सभी मजहब है।
जिसे समझने की जरूरत है आज हम चर्चा करेंगे मुख्य रूप से
लेखक ओम प्रकाश श्रीवास्तव जी जो धर्म दर्शन और साहित्य के अध्येता हैं जिन्होंने इस पर बहुत बड़ा प्रकाश डाला है।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन की ओर से साभार प्रस्तुत करते हुए सही तथ्यों को सामने लाने का एक प्रयास है।
आज पूरे लेख को ओम श्री ओम प्रकाश श्रीवास्तव जी के शब्दों में रखेंगे।
इस लेख में कुछ शब्दों का चयन भारतीय मीडिया फाउंडेशन की ओर से परिवर्तित किया गया है सही तथ्य को सामने लाने के उद्देश्य से।
यह सत्य है की बाहर शासन करने वाली व्यवस्थाएं जैसे राजतंत्र, तानाशाही, धर्म का संगठित तंत्र (पोप, अमीर जैसे), लोकतंत्र आदि होती हैं। इनमें लोकतंत्र को छोड़कर शेष में कोई एक सत्ता निर्णय करती है और बाकी लोगों से उस पर श्रद्धा और विश्वास रखते हुए पालन की अपेक्षा की जाती है। इनके विपरीत लोकतंत्र, विचारों की स्वतंत्रता और व्यक्ति की गरिमा को महत्व देता है। इस प्रकार आंतरिक शासन करनेवाले धर्म भी विविध स्वभाव के होते हैं। स्वभाव के आधार पर विश्व के धर्मों को दो भागों में बांटा जा सकता है। पहले अब्राहमिक धर्म जिनमें यहूदी, ईसाई व इस्लाम आते हैं।
सनातन धर्म, विज्ञान की तरह स्वयं ही जन्मा है।
इनमें एक पवित्र पुस्तक है और ईश्वर का संदेश लानेवाले महापुरुष हैं। इन पर संपूर्ण विश्वास ही इनका आधार है। इनके सिद्धांतों पर किसी प्रकार की शंका या संशोधन करने की गुंजाइश नहीं है। ये दुनिया को दो भागों में बांटते हैं–