जलेसर के पानी का खारापन अब गंगाजल से खत्म किया जाएगा

जलेसर पियेगा गंगाजल

एटा। जलेसर के पानी का खारापन अब गंगाजल से खत्म किया जाएगा। जल निगम इस प्रोजेक्ट को बनाने में दिनरात जुटा है। शासन से स्वीकृति मिलने पर एटा से जलेसर तक पाइप लाइन के माध्यम से गंगाजल पहुंचाया जाएगा। इसके लिए जल निगम वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं वाटर रिजर्व झील बनाने के लिए भी जमीन चिह्नित कर चुका है।

जल निगम नगरीय सहायक अभियंता रवेंद्र कुमार ने बताया कि जलेसर क्षेत्र के लोगों को कई दशकों से खारे पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस समस्या को खत्म करने के लिए शासन ने अमृत योजना 2.0 के तहत पिछले वर्ष जलेसर क्षेत्र में मीठे पानी की उपलब्ध कराने के लिए वाटर प्रोजेक्ट शुरू कराया था। इसके माध्यम से जलेसर क्षेत्र में जगह-जगह नलकूप एवं ओवरहेड टैंक बनाकर पाइप लाइन के माध्यम से लोगों को मीठा पानी उपलब्ध कराना था।

जल निगम ने जलेसर क्षेत्र में प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले कई दर्जन स्थानों की बोरिंग से पानी के सैंपल लिए। इसमें से 65 फीसदी पानी के सैंपल लखनऊ एवं गाजियाबाद स्थित जल प्रयोगशाला में फेल हो गए। इसके चलते जलेसर में नलकूप से मीठा पानी देने का प्रोजेक्ट फेल हो गया। इस समस्या को शासन के समक्ष प्रस्तुत किया गया। नलकूप से जलापूर्ति देने वाला प्रोजेक्ट फेल होने पर शासन ने जलेसर में मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए निगम से कोई दूसरा विकल्प ढूंढकर उसकी कार्ययोजना तैयार करने के साथ मांगी है।

निचली गंग नहर से जलेसर पहुंचाया जाएगा मीठा पानी

जल निगम सहायक अभियंता रवेंद्र कुमार ने बताया कि नलकूपों के माध्यम से जलेसर क्षेत्र को मीठा पानी मुहैया कराने वाला प्रोजेक्ट फेल होने के बाद अब जल निगम एटा की हजारा नहर से जलेसर तक पाइप लाइन के माध्यम से गंगाजल पहुंचाने वाले प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि एटा स्थित निचली गंग नहर से जलेसर तक कुल 34 किमी लंबी पानी की पाइप लाइन बिछाई जाएगी। यह पानी की पाइन लाइन आगरा रोड स्थित जावडा स्थित चौकी से प्रारंभ होकर अवागढ़ होते हुए जलेसर पहुंचेगी। पाइप लाइन के माध्यम से जलेसर स्थित निधौली रोड पर चिह्नित की गई तीन हेक्टेयर जमीन पर वाटर रिजर्व झील एवं वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। पाइप लाइन के माध्यम से पहले वाटर रिजर्व झील में पानी पहुंचेगा। उस पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीट कर पीने योग्य बनाकर पंपिंग स्टेशन के एवं पाइप लाइनों के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। जल निगम एई ने यह भी बताया इस प्रोजेक्ट के पूर्ण होने पर जलेसर की जनता को कई दशकों तक मीठे पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

जलेसर को प्रतिदिन मिलेगा पांच क्यूसेक पानी

जल निगम सहायक अभियंता ने बताया कि वाटर प्रोजेक्ट बनने के बाद जलेसर नगर पालिका क्षेत्र के वाशिंदों को प्रतिदिन पांच क्यूसेक यानी एक करोड़ 20 लाख लीटर मीठे पानी की उपलब्धता हो सकेगी। जिससे जलेसर के प्रत्येक घर को पेयजल के लिए नहीं भटकना पड़ेगा।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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