राजगुरु श्री हरिवंशाचार्य जी की कर्मभूमि लक्ष्मण बाग पहुंचकर तेरहवी में शामिल हुई कविता पांडे

राजगुरु जी ज्ञान के अथाह सागर मृदुल अति विनम्र शांत और सौम्य व्यक्ति थे जब भी सत्संग का अवसर मिला एक मुट्ठी आशीर्वचन प्राप्त करने की कोशिशें की लेकिन पता नहीं था कि आप इतना जल्दी इस नश्वर संसार से विदा हो जाएंगे । आज संपूर्ण प्रदेशभर के संत महात्मा साधु रीवा जिले के कोने-कोने से आम जनता लक्ष्मण बाग संस्थान पहुंचकर आपको नमन कर रही थी । आपने अपने जीवन के हर क्षण को लक्ष्मण बाग संस्थान के लिए समर्पित कर रखा था पूरे भारतवर्ष में स्थित मंदिर मठ को बचाने की आपने पुरजोर कोशिशें की है । भगवान आपको अपने श्री चरणों में स्थान दें ओम शांति
शत शत नमन
कविता पान्डेय