जब तक अपील का निस्तारण नहीं होता तब तक यथास्थित रखी जाए, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । सर्वोदय आश्रम में जमीन का फर्जी तरीके से दर्ज कराए गए मामले में अपर आयुक्त ने एसडीएम के आदेश पर रोक लगा दी है। जिस स्थान पर बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं और लोगों को रोजगार देने वाली संस्था चल रही है उस स्थान पर ऐसा आदेश कैसे हो सकता है। जब तक अपील का निस्तारण नहीं होता तब तक यथास्थित रखी जाए।
अलीगढ़ मंडल के अपर आयुक्त न्यायिक की ओर से आदेश जारी किया गया है। करीब 90 वर्ष पुराने निर्णय एवं एक 93 वर्ष पुराने पंजीकृत अभिलेख सीलिंग न्यायालय के 49 वर्ष पुराने निर्णय एवं सिविल न्यायालय के निर्णय को बता बताते हुए उक्त सभी माननीय न्यायालयों एवं पुराने से भी पुराने पंजीकृत अभिलेखों की धज्जियाँ उड़ते हुए वादग्रस्त भूमि पर अपीलार्थी के हक को समाप्त करते हुए प्रश्नगत आदेश पारित कर दिया है। सर्वोदय आश्रम संस्था, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के तहत खादी वस्त्रत्तें का उत्पादन किया जा रहा है। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ है। वित्त पोषित सर्वोदय इण्टर कॉलेज संचालित है। विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे है। मालूम हो कि एसडीएम की ओर से आदेश जारी किया गया था इसमें सर्वोदय आश्रम की जमीन को फर्जी बताया गया था। इसम मामले में पूर्व रेल राज्य मंत्री मनोज चतुर्वेदी और नरेंद्र उपाध्याय पर मुकदमा दर्ज हुआ था।
अपर आयुक्त की न्यायालय की ओर से एक आदेश के बारे में जानकारी मिली है। इस आर्डर को खारिज करने के लिए अपील की जाएगी।
-आयुष चौधरी, एडीएम वित्त एवं राजस्व