आरोपी सूरज को दोषी माना, दोषी सूरज को दस साल की सजा तथा 25 हजार के अर्थदंड, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा सुनाई गई है। सजा सुनाने के साथ ही अर्थदंड से दंडित भी किया गया है।
विशेष लोक अभियोजक श्रीकृष्ण यादव के अनुसार कोतवाली जलेसर के एक गांव निवासी पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया कि 29 मई 2020 को नाबालिग बेटी दुकान पर सामान लेने गई थी उसके बाद से वह घर नहीं लौटी। तलाश के दौरान पता चला कि सूरज पुत्र नन्ने निवासी गहला सकरौली भगा ले गया है। कई दिनों तक आरोपी बेटी को वापस कराने की बात कहते रहे। न लौटाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बेटी को बरामद किया।
आरोपी को जेल भेजा था। बयानों के आधार, मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई। शनिवार को दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं ने दलील पेश की। दलील सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश रेप एवं पॉस्को एक्ट द्वितीय कुमार गौरव ने आरोपी सूरज को दोषी माना। दोषी सूरज को दस साल की सजा तथा 25 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड में से 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को दे जाएगी।