न्यायालय परिसर में सुरक्षा चेकिंग में लगे डोर मेटल डिटेक्टर , व बैग स्केनर मशीन खराब बनी शो पीस

न्यायालय परिसर में सुरक्षा चेकिंग में लगे डोर मेटल डिटेक्टर , व बैग स्केनर मशीन खराब बनी शो पीस। एड. कटारिया ने दिया जिला जज को ठीक कराने के लिए प्रार्थना पत्र ।। मैनपुरी। न्यायालय परिसर में विभिन्न न्यायालयों में सुरक्षा चेकिंग में लगी एक्सरे बैग स्कैनर्स मशीन एवं डोर मेटल डिटेक्टर के खराब होने पर इंटरनेशनल एडवोकेट आर्गेनाइजेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला सत्र न्यायालय के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने आज जिला अध्यक्ष अनिल कुमार को स्केनर मशीन और डोर मेटल डिटेक्टर को ठीक कराने हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया जिला सत्र न्यायालय के परिसर में लगी x रे बेग स्केनर मशीन और ड़ोर मेटल डिटेक्टर काफी समय से खराब पड़े हुए है है इसके अलावा डोर मेटल डिटेक्टर परिवार न्यायालय में, सीजेएम 11 कक्षीय न्यायालय में तथा पुरानी सीजेएम बिल्डिंग में भी डोर मेटल डिटेक्टर खराब लगे हुए हैं जहां पर वाद कारियों, गवाहों अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए के लिए लगाई गई यह मशीनें काफी समय से खराब चल रही है इस प्रकार से न्यायालय परिसर में सुरक्षा चेकिंग में लगी पुलिस सिर्फ खानापूर्ति करती है न्यायालय परिसर के मुख्य गेट पर भी पुलिस कर्मचारी जो चेकिंग करते हैं उनके पास ना तो कोई हैंड मेटल डिटेक्टर है और न वहां कोई डोर मेटल डिटेक्टर लगा हुआ है इसके अलावा पुलिस कर्मचारी चार पहिया वाहनों की कोई चेकिंग नहीं करते कभी भी कोई भी अपराधी किस्म का व्यक्ति अपने वाहन में अस्त्र शस्त्र लेकर न्यायालय परिसर में आ सकता है और कभी भी कोई अपनी घटना होने की पूरी संभावना है जबकि उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय न्यायालय परिसर में सुरक्षा हेतु काफी गंभीर है अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने यहां तक कहा कि न्यायालय परिसर में विभिन्न न्यायालयों में यदि कोई वाद कारी ,गवाह या अधिवक्ता जाता है तो सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति ना की जाए यदि कोई अधिवक्ता भी शस्त्र लगा हुए हैं उसे भी न्यायालय परिसर में न जाने दिया जाए जिसके लिए लगी स्केनर मशीन जो कि जिला सत्र न्यायालय में लगी हुई है उस के माध्यम से विस्फोटक पदार्थ एवं छोटी-छोटी लोहे की वस्तुओं की जांच की जा सकती है इसके लिए मशीन खराब होने से सुरक्षा के नाम पर काफी कमी देखी जा रही है जबकि पिछले कुछ माह पूर्व दिल्ली में वकीलों के भेष में रोहिणी कोर्ट में एक सूट आउट हुआ था उसके बाद हर जगह सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए थे इतनी बड़ी घटना के होने के बावजूद भी जिला न्यायालय परिसर में डोर मेटल डिटेक्टर एक्स रे बेग स्केनर मशीनें और सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है अधिवक्ता ओमप्रकाश कठेरिया ने कहा कि न्यायालय परिसर में सुरक्षा की ऐसी व्यवस्था लचर रही तो कभी भी कोई घटना अंजाम दे जा सकती है पूर्व सचिव विजेंद्र यादव ने कहा कि काफी समय से मशीन खराब है अब तक जिला जज महोदय ने क्यों नही इस पर संज्ञान लिया गया सीनियर अधिवक्ता आशुतोष पांडे ने कहा कि न्यायालय परिसर में सबसे पहले प्रथम गेट पर ही पुलिस कर्मचारियों के पास हैंड मेटल डिटेक्टर होनी चाहिए जहां तक अधिवक्ताओं को सवाल है उनकी भी जांच प्रतिदिन होनी चाहिए उनके वाहनों की भी जांच होनी चाहिए क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं होना चाहिए न्यायालय से सुरक्षा हम सब की सुरक्षा हैं एक अन्य अधिवक्ता ने तो यहां तक कहा कि पुलिस कर्मचारी सिर्फ 12:00 बजे तक की चेकिंग करते हैं उसके बाद कुर्सियों पर बैठकर मोबाइल चलाते हुए नजर आते हैं फिर चाहे कोई व्यक्ति न्यायालय परिसर में जाए और मुख्य गेट पर कोई वाहन आ रहा हैं किसी पर भी कोई ध्यान नहीं देते जबकि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि न्यायालय परिसर में न्यायालय में प्रवेश के दौरान किसी को भी शस्त्र ले जाने की अनुमति नहीं है यहां तक कि पुलिस के कर्मचारी अधिकारियों में भी आखिर न्यायालय परिसर में सुरक्षा के साथ इस तरह का क्यों समझौता किया जा रहा है अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया द्वारा जिला अध्यक्ष महोदय को डोर मेटल डिटेक्टरऔर एक्स-रे बैग मशीन को ठीक कराने के लिए दिया गया प्रार्थना पत्र का मैनपुरी बार एसोसिएशन के अधिवक्ता रघुनाथ सिंह वर्मा, इंद्र गोपाल वर्मा, अमित कठेरिया, राजीव दिवाकर ,मनोज दुबे ,जितेंद्र शक्य ,सुशील शाक्य ,राधा-कृष्ण शाक्य, शैतान सिंह राजपूत एवं अधिवताओ आकांक्षा दुबे व अन्य महिला अधिवताओ ने व काफी अधिवक्ताओं ने उनके द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र का समर्थन किया और कहा कि न्यायालय परिसर में लगे पुलिस कर्मचारी सुरक्षा के नाम पर हमेशा सजग रहें और किसी को भी सुरक्षा में ढिलाई न बरती जाए ।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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