लाखों रुपये खर्च कर लगाए वाटर कूलर, खुद ही प्यासे खड़े , रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । गर्मियों के दिनों में शुद्ध और शीतल पेयजल की सुविधा मुहैया कराने लिए शहर में लाखों के बजट से लगवाए गए अधिकांश वाटर कूलर पिछले वर्ष से अब तक खराब पड़े है। इसके कारण स्थानीय लोगों एवं राहगीरों पेयजल संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले वर्ष तत्कालीन नगर पालिका ईओ डॉ. दीप कुमार वार्ष्णेय ने शहर के गली मोहल्लों, मुख्य मार्गों, बाजारों, धार्मिक स्थल, बस स्टैंड एवं विद्यालयों के बाहर 29 लाख 50 हजार के बजट से कुल 25 वाटर कूलर लगवाए थे। इतना बजट खर्च करने के बाद लगाए गए अधिकांश वाटर कूलर खराब पड़े होने शहर में पेयजल के लिए लोगों को परेशानियों का वैसे ही सामना करना पड़ रहा है।
इन स्थानों पर खराब पड़े है वाटर कूलर ठंडी सडक स्थित काली मंदिर गेट पर, गांधी स्मारक इंटर कॉलेज गेट पर, रोडवेज बस स्टैंड के सामने, होली मोहल्ला स्थित सरदार गैस सर्विस के पास, घंटाघर स्थित सब्जी मंडी चौक, राम दरवार मंदिर के बाहर, शिवसिंहपुर तिराहा आदि स्थानों पर लगाए गए वाटर कूलर पिछले वर्ष से अब तक बंद पड़े है। जिससे रागहीरों को पेयजल के नाम पर मुंह चिढा रहे है।
खराब पड़े वाटर कूलरों को ठीक कराने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा गया है। अभी वाटर कूलर वारंटी में होने के कारण उन्हें ठीक करने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की ही है। अगर संस्था खराब वाटर कूलरों को ठीक नहीं कराती है तो कार्रवाई की जाएगी।
एसके गौतम, ईओ, नगर पालिका एटा
शुद्ध एवं शीतल पेयजल की सुविधा के लिए शहर में लाखों के बजट से लगाए गए अधिकांश वाटर कूलर पिछले वर्ष से अब तक खराब पड़े हैं। पालिका की अधिकारियों की लापवाही के चलते वाटर कूलरों को ठीक नहीं कराया जा रहा है। लोग गर्मी में भी पेयजल के लिए इधर-भटक रहे है।
सुजीत देव वार्ष्णेय, पूर्व सभासद
बाजार में लगे वाटर कूलर अभी से नहीं बल्कि लगने के कुछ महीनें बाद से ही अब तक खराब हैं। दुकानदारों ने नगर पालिका अधिकारियों को कई बार खराब पड़े वाटर कूलरों को ठीक कराने के लिए शिकायत की। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अशोक चौहान
व्यापारी नेता