विश्व का एकमात्र मंदिर जहां जूते चप्पल उतार कर प्रवेश वर्जित नहीं

विश्व का एकमात्र मंदिर जहां जूते चप्पल उतार कर प्रवेश वर्जित नहीं है. फिरोजाबाद. जनपद मुख्यालय स्थित 30 किलोमीटर दूर. विकासखंड एका के ग्राम पैंट में. जखई महाराज का प्रसिद्ध मंदिर है जहां. लाखों की सदस्य संख्या में श्रद्धालु. हिंदू संवत के अनुसार महा. मैं भव्य मेला लगता है. जान लाखों की संख्या में श्रद्धालु. दर्शन करने के लिए आते हैं. मानता के अनुसार किसी बालक के जन्म का मुंडन. संस्कार भी यादवों में यही होता है. तथा विवाह होने के बाद नव दंपत्ति भी यहां पूजा अर्चना के लिए आते हैं. जनपद फैजाबाद के विकासखंड एका से 3 किलोमीटर दूर नहर के पास. गांव में घुसते ही. धरमधारी देवता मैं कसूर का गांव के घुसते ही एक छोटा भव्य मंदिर है. तथा 1 किलोमीटर दूर गांव के. पश्चिमी तरफ. बड़ी देवता के रूप में यहां बम मंदिर बना हुआ है. या भगवान धरमधारी जी की विशाल प्रतिमा है. महा महा में लगने वाला. भाभी मेला. पूरे महीने चलता है. यहां जनपद के आसपास के अतिरिक्त अन्य प्रांतों के राजस्थान. मध्य प्रदेश दिल्ली. एवं पूर्वांचल की. यादव जाति के लोग. के अतिरिक्त हर जाति एवं धर्म के लोग यहां पर मंदिर पर अपनी मनौती मांगने के लिए एवं दर्शन लाभ करने के लिए आते हैं. भगवान धरमधारी जी की जात. होती है इस जांच में यहां एक और भगवान को बाजार नारियल प्रसाद फल फूल चढ़ाए जाते हैं वही. उनकी बहन आशु घोड़ा के लिए भी हरा चारा प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है. मंदिर परिसर में लगने वाली दुकानों का उसी बॉलीवुड ठेका उठता है और किस मंदिर का. निर्माण कार्य वर्ष पर चलता रहता है. मेला के दौरान गांव में उत्सव जैसा माहौल महीने भर चलता है. जनपद फैजाबाद के ग्राम एका. स्थित धरमधारी मंदिर परिसर से निशा कांत शर्मा की रिपोर्ट.

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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