थम नहीं रहा पीएम आवास घोटाला में शिकायतों का सिलसिला, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । पीएम आवास योजना (ग्रामीण) घोटाल में शिकायतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्राम प्रधान और सचिवों के खिलाफ आवासों से वंचित लोग प्रतिदिन प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायतें कर रहे है। पुन हो रही आवास जांच के बाद भी अपात्रों को सत्यापित कर योजना का लाभ दिया जा रहा है, जिससे योजना में पात्र होने का दावा करने वाले लोग का अन्य अधिकारियों से मामले की जांच कराने की अपील कर रहे है।
ब्लॉक निधौलीकला क्षेत्र की ग्राम पंचायत वसुंधरा निवासी कुसमा देवी ने पीएम आवास योजना में पात्र होने के बाद भी सूची में से नाम हटाए जाने के संबंध में संबंधित ग्राम प्रधान और सचिव की एडीएम प्रशासन आलोक कुमार के अलावा मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। महिला ने ग्राम प्रधान और सचिव पर आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम प्रधान एवं सचिव ने जो आवास आवंटन कराए है। उसमें अधिकांश लोग अधिकांश लाभार्थी अपात्र है, जो कि प्रधान के सगे संबंधी और उनके परिवार के ही लोग है। शिकायत कर्ता ने पीडी निर्मल कुमार द्विवेदी पर भी आरोप लगाया कि बीते दिन ग्राम पंचायत वसुंधरा में आवासों की पुन जांच करने आए पीडी ने ठीक ढंग से अपात्रों की जांच नहीं की है। अपात्रों को फिर से पात्र कर दिया।
लोगों ही शिकायत पर संबंधित ग्राम पंचायतों में अपात्र लाभार्थियों की जांच कराई जा रही है। आज गांव सौंहार सहित अन्य पंचायतों में जांच अधिकारी भेजे गए है। उनकी रिपोर्ट के अनुसार दोषी ग्राम प्रधान और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। जांच सभी ग्राम पंचायतों में चल रही है।
-अवधेश कुमार बाजपेयी, सीडीओ एटा।
आवास से वंचित लोगों ने की शिकायत,
एटा। गुरुवार को ब्लॉक सकीट की ग्राम पंचायत सौंहार के मजरा नगमई निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाते हुए सीडीओ डॉ. अवधेश कुमार बाजपेयी को लिखित शिकायती पत्र देकर बताया कि वर्ष 2016-2017 में पीएम आवास योजना के तहत उनके लिए आवास आवंटित हुआ था, जिसे उस समय मौजूदा ग्राम प्रधान मधू राठौर उनके पति प्रमोद सिंह राठौर ने सचिव के साथ आपसी साठ गांठ कर उनका आवास पंचायत के ही सुरेन्द्र सिंह चौहान को 60 हजार रुपये लेकर आवंटिक कर दिया। इसके साक्ष्य शिकायतकर्ता ने मौजूद होने का भी दावा किया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस मामले के संबंध में वह कई बार बीडीओ से भी शिकायत कर चुका है। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। प्रकार ग्राम पंचायत के दूसरे व्यक्ति नवी आलम पुत्र नूर मौहम्मद ने सीडीओ को शिकायती पत्र देकर प्रधान और सचिव पर साठ हजार रुपया लेकर उनके लिए आवंटित हुआ अवास गांव के ही नबी आलम पुत्र छोटे अली को आवंटिक करने की बात कही।