
लाखों खर्च, प्यास नहीं बुझा पा रहे वाटर कूलर
एटा। पिछले वर्ष गर्मी के सीजन में लगाए गए ज्यादातर वाटर कूलर लोगों की प्सास नहीं बुझा पा रहे है। नगर पालिका की अनदेखी के चलते वाटर कूलरों पर खर्च किया गया लाखों का बजट बर्बाद हो रहा है।
लोगों को शुद्ध एवं शीलत पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका ने पिछले गर्मी के सीजन में 30 लाख के बजट से शहर के मुख्य मार्गों, बाजरों और गली-मोहल्लों में कुल 25 वाटर कूलर मशीनें लगवाई थी। इसमें से रोडवेज बस स्टैंड, घंटाघर स्थित सब्जी मंडी चौक, गांधी स्मारक इंटर कॉलेज के बाहर, शांति नगर, होली मोहल्ला, पीपल अड्डा आदि स्थानों पर लगे दस से अधिक वाटर कूलर लगने के कुछ महीनें बाद से ही खराब हो गए थे, जो कि अब तक खराब पड़े हुए हैं। एक वर्ष से खराब पड़े कुछ वाटर कूलरों की टोटी एवं टोटी के नीचे लगी प्लेट भी असामाजिक तत्व निकाल कर ले जा चुके हैं। इस पर नगर पालिका ने अब तक कोई ध्यान नहीं गया है। गर्मियां शुरू होते ही लोगों को जगह-जहग पेयजल की जरुरत होने लगी हैं। खराब वाटर कूलरों के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। गुरुवार को नगर पालिका जलकल प्रभारी रामकिशन ने बताया कि शहर में लगे अधिकांश वाटरकूलरों को असामाजिक तत्वों ने नुकसान पहुंचाकर खराब कर दिया है। चोर वाटरकूलरों से टोटी एवं उनकी प्लेट आदि भी निकाल कर ले जा चुके है। कुछ वाटरकूलरों की समरर्सिबल खराब कर दी गई है।
खराब पड़े सभी वाटर कूलरों को ठीक कराने के लिए कार्यदायी संस्था को पत्र लिख दिया गया है। वारंटी में होने के खराब वाटर कूलरों को ठीक कराने की जिम्मेदारी अभी कार्यदायी संस्था की ही है। जल्द ही सभी को ठीक करा दिया जाएगा।