परशुराम राष्ट्रीयम परिषद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 1 मार्च 2023 को आयोजित

आध्यात्मिक और नैसर्गिक ऊर्जा का केंद्र बिंदु भगवान परशुराम जी की पुण्य जन्मभूमि जानापावा में संपन्न होगा परशुराराष्ट्रीयम परिषद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 1 मार्च 2023 को आयोजित

प्रदीप कुमार तिवारी bmf news network स्टेट न्यूज़ इंचार्ज मध्य प्रदेश
भगवान श्री चिरंजीवी परशुराम जी की जन्म भूमि जानापाव जिला इंदौर पूरे विश्व में आध्यात्मिक और नैसर्गिक ऊर्जा का केंद्र बिंदु रहा है और इसी विषय के शोध के लिए राष्ट्रीय परशुराम परिषद स्थापना की गई जिसका मुख्य उद्देश्य भगवान परशुराम जी के आदर्शों मर्यादाओं परंपराओं एवं कलिकाल खंड को ध्यान में रखते हुए अखंड सनातन भारत का निर्माण करना है राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक संरक्षक माननीय श्री पंडित सुनील भराला जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शोध पीठ की स्थापना की गई और उस शोध पीठ के अध्यक्ष माननीय श्री आचार्य केवी कृष्णन जी द्वारा विगत 20 नवंबर 2022 को काशी विश्वनाथ की धरती पर आयोजित भव्य समारोह में उनके द्वारा शोध के आधार पर घोषणा की गई कि चिरंजीवी भगवान श्री परशुराम जी की जन्मस्थली मध्य प्रदेश के अंतर्गत जिला इंदौर के निकट स्थित जानपावा पुण्य धरा पर भगवान श्री परशुराम जी का जन्म स्थल है और राष्ट्रीय परशुराम परिषद इस पुण्य धरती को भगवान श्री परशुराम जी की जन्म भूमि घोषित करती है जैसा कि आप सभी को मालूम है कि उसके पूर्व कई की विधियों के आधार पर 56 जगहों में भगवान श्री परशुराम जी की जन्म स्थली मानी जाती थी जिस कारण से भगवान श्री परशुराम जी का मंदिर श्री भगवान श्री राम के मंदिर एवं कृष्ण के मंदिर की तरह निर्माण नहीं हो पाया और ना ही तीर्थ स्थल घोषित किया गया जिसके कारण भगवान श्री परशुराम जी की प्रतिमा भी भारत भूमि के अंदर नहीं बना पाई जो हमारे सनातन धर्म के लिए बहुत बड़ा प्रश्न है राष्ट्रीय परशुराम परिषद इसी प्रश्न चिन्ह को हटाने के लिए संकल्पित है क्योंकि चिरंजीवी भगवान परशुराम जी जैसा न्याय प्रिय व्यक्तित्व और कृतित्व संसार में दुर्लभ है उनकी आदर्शों पर चलकर ही वर्तमान परिस्थितियों एवं गंभीर समस्याओं से समाधान प्राप्त किया जा सकता है क्योंकि विश्व के सामने बहुत बड़ी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई है और इन समस्याओं से निजात पाने के लिए चिरंजीवी भगवान परशुराम जी के पद चिन्हों पर चलने के लिए समस्त सनातन एवं राष्ट्र प्रेमियों को एकजुट होना पड़ेगा क्योंकि भरत भूमि आर्यावर्त समूची दुनिया में विश्वगुरु के रूप में पहचान हो रही है और इस भारतीय उपमहाद्वीप को पहचान देने वाले चिरंजीवी भगवान श्री परशुराम जी द्वारा ज्ञान विज्ञान त्याग तपस्या एवं लोक कल्याण के प्रति अप्रियतम समर्पण तथा साधना से अर्जित शक्ति सामर्थ से संपूर्ण देश को गुरुता के शिखर पर पहुंचाया और दूसरी तरफ रोग शोक संताप आदि व्याधि से न केवल सर्व समाज के बचाने का प्रयास किया वरन जीव जंतु पेड़ पौधों पर्वतों नदियों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए उसकी उपयोगिता को बताया और स्वयं को गुमनाम रखकर देश और सनातन समाज को नामवार अप्रियतम अनुपम बनाकर पूरे विश्व में अपना परचम लहराया! परंतु आज पूज्य ऋषियों की संताने ब्राह्मण समाज आखिर इस देश जीवन तथा व्यवस्था के उज्जवल सवालों के बीच क्यों झुलस रहा है इसी विषय को लेकर राष्ट्रीय परशुराम परिषद ऐसे पूज्य ऋषियों की संतानों के उत्थान के लिए और राष्ट्र की भलाई के लिए पिछले 4 सालों से राष्ट्रीय परशुराम परिषद देश के प्रमुख जगहों पर गोष्टी कराकर राष्ट्र चेतना जागृत कर रहा है!
राष्ट्रीय परशुराम परिषद द्वारा
भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम जी की प्रतिमा को विश्व के सभी मंदिरों में प्रतिस्थापित कराना तथा चिरंजीवी भगवान श्री परशुराम जी की जन्मस्थली जानपावा पर भव्य मंदिर का निर्माण करना और भगवान परशुराम की पूजा विधि का श्रीगणेश कर जन-जन को नगर नगर तक संपूर्ण जगत से अवगत कराना है और अखंड भारत की परिकल्पना को साकार करने हेतु किसी अन्य धर्म व संप्रदाय के बिना किसी विद्वेष भावना से भारतीय जनमानस को पुरातन से लेकर आधुनिक भारत तत्वों से परिचित करा कर सनातन धर्म और मूल्यों के अनुरूप स्थापित करना और कराना शामिल है!
राष्ट्रीय परशुराम परिषद वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इस विषय पर बड़ी गंभीरता से शोध कर रहा है कि युगों युगों से प्रज्वलित सनातन यज्ञ अग्नि कि वह धधकती ज्वाला आखिर क्यों ठंडी हो रही है जिसकी धुएं के साथ उठने वाली सुगंध से सुख-समृद्धि की वर्षा होती थी क्योंकि ब्राह्मण समाज का जब पुरुषार्थ और पराक्रम उदित हुआ तो भगवान परशुराम बन गए !त्याग पर आया तो दधीच बना !ज्ञान भक्तों की राह पकड़ी तो कृष्ण जैसे अवतार से चरण धूलवाए और तपस्या के सुर में बोला तो चार वेद और 18 पुराणों की रचना कर डाली और जब असीम जलधि ने अहंकार किया तो उसे अगस्त बनकर खुद भी गया और दूसरी तरफ प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन में धार्मिक भावना के आहत होने पर मंगल पांडे बना और देश की आजादी के लिए फांसी को गले में लगाया वही समाज जब लीग से हटा तो आज की दयनीय स्थिति में पहुंच गया !
देशकाल व्यवस्था की चक्की में पिस रहे ब्राह्मण के जागरण सर्व कल्याण की धारणा के साथ 1 मार्च 2023 बुधवार को चिरंजीवी भगवान परशुराम की पुण्य जन्मस्थली जानापाव की धरती में राष्ट्रीय परशुराम परिषद के तत्वाधान में भव्य ऐतिहासिक राष्ट्रीय अधिवेशन एवं ब्राम्हण सम्मेलन होने जा रहा है जहां पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड गुजरात मध्य प्रदेश उत्तराखंड महाराष्ट्र तमिलनाडु इत्यादि राज्यों से मूर्धन्य विद्वान अपना अभिमत देने के लिए जानापाव पुण्यभूमि पहुंच रहे हैं जिसमें प्रमुख रूप से सर्वश्री पंडित सुनील भराला जी संस्थापक संरक्षक राष्ट्रीय परशुराम परिषद एवं निवर्तमान मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार मंचासीन रहेंगे तथा विशिष्ट अतिथियों में श्री पंडित अजय कुमार झा राष्ट्रीय संयोजक श्री पंडित मुकेश भार्गव राष्ट्रीय सहसंयोजक श्री पंडित विनय शर्मा जी राष्ट्रीय सहसंयोजक श्री पंडित कपिल शर्मा सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी श्री पंडित अजय भराला राष्ट्रीय अध्यक्ष परशुराम स्वाभिमान सेना आचार्य श्री के वी कृष्णन जी अध्यक्ष परशुराम शोध पीठ प्रोफेसर राजाराम यादव पूर्व कुलपति एवं सदस्य परशुराम शोध पीठ श्री पंडित डॉक्टर वेद तिवारी संयोजक परशुराम शोध पीठ श्री पंडित अनुज शर्मा राष्ट्रीय संयोजक आईटी प्रकोष्ठ श्रीमती अनीता पांडे प्रदेश अध्यक्ष परशुराम शक्ति वाहिनी दिल्ली एवं श्री विनोद शर्मा सदस्य उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी कैप्टन पंडित राज द्विवेदी प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय परशुराम परिषद मध्य प्रदेश वरिष्ठ समाजसेवी श्री पंडित गोविंद शर्मा जी श्री जितेंद्र चौधरी सरपंच जानपावा मध्यप्रदेश कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष श्री पंडित सुनील शर्मा श्री पंडित रामनारायण पाठक श्री पंडित अशोक शर्मा श्रीमती आशा शुक्ला श्रीमती कमला द्विवेदी श्री वीके शुक्ला प्रदेश महामंत्री श्री पंडित प्रदीप कुमार तिवारी श्री पंडित अशोक द्विवेदी आईटी सेल श्री पंडित मुकेश पांडे प्रदेश मंत्री श्री पंडित अशोक शर्मा जिला अध्यक्ष इंदौर श्री पंडित राहुल शुक्ला जिला उपाध्यक्ष भोपाल श्री पंडित अमित तिवारी जिला अध्यक्ष जबलपुर श्री पंडित प्रभात तिवारी जिला अध्यक्ष रीवा श्री पंडित प्रतीक द्विवेदी जिला अध्यक्ष सीधी श्री पंडित जन्मेजय पांडे जिला अध्यक्ष सिंगरौली श्री पंडित चंद्र मोहन शर्मा जिला अध्यक्ष ग्वालियर श्री पंडित शिवकुमार शर्मा जिला अध्यक्ष अशोक नगर श्री पंडित राहुल शर्मा जिला अध्यक्ष स्वाभिमान सेना अशोकनगर श्री पंडित उमेश पाराशर जिला अध्यक्ष मुरैना श्री पंडित बीपी पाराशर जिला अध्यक्ष दतिया श्री पंडित मोहित चनपुरिया जिला अध्यक्ष पन्ना श्री पंडित अंकित रावत जिला अध्यक्ष रतलाम के साथ-साथ समस्त जिला कार्यकारिणएवं सदस्य तथा बुद्धिजीवी सनातन धर्म प्रेमियों का इस भव्य सम्मेलन में समागम होगा

कैप्टन राज द्विवेदी
प्रदेश अध्यक्ष
राष्ट्रीय परशुराम परिषद
मध्य प्रदेश
दिनांक 23 फरवरी 23

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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