
कंप्यूटर विज्ञान एवं अनुप्रयोग विभाग के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम / कार्यशाला प्रारंभ।
SEBI एवं भारत सरकार की संस्था NISM(National Institute of securities markets) के तत्वावधान में कंप्यूटर विज्ञान एवं अनुप्रयोग विभाग में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम/ कार्यशाला दिनांक 20 फरवरी को मध्यान्ह 12 बजे से 4 बजे तक स्नातक एवं स्नानकोत्तर स्तर पर विद्यार्थियों के लिए प्रारंभ किया गया।
प्रथमतः विभागाध्यक्ष प्रोफेसर श्रीमती सत्या सिंह द्वारा विषय का प्रवर्तन एवं वक्ताओं व सहभागियों का स्वागत किया गया ।
प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता SEBI/NISM से फाइनेंशियल ट्रेनर , श्री अनिल नारायण दुबे, द्वारा वित्तीय निवेश के महत्व पर विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान करते हुए बताया गया की विज्ञान को वित्त से जोड़ना समय की अनिवार्यता है , जिस हेतु डिजिटल लिटरेसी के साथ ही फाइनेंशियल लिटरेसी महत्वपूर्ण है।इस सत्र में दुबे द्वारा फाइनेंशियल इंक्लूजन के माध्यम से wealth(संपदा) की प्राप्ति हेतु निवेश की आवश्यकता , बचत एवं निवेश में अंतर, निवेश की वृद्धि ,लक्ष्य आधारित निवेश के साथ ही निवेश में विलम्ब में निहित क्षति और Rule of 72 के आधार पर निवेश के दुगुना होने की अवधि पर प्रकाश डाला।
दिनांक 21 फरवरी को द्वितीय सत्र में प्रथमतः विभागाध्यक्ष प्रोफेसर श्रीमती सत्या सिंह ने संचालित किए जाने वाले सत्रों “प्रतिभूति/शेयर बाज़ार में निवेश की प्रक्रिया व आधार एवं प्राथमिक बाज़ार में निवेश “ के महत्व का रेखांकन करते हुए बताया कि अपने निवेश को सुरक्षित रखते हुए न केवल निवेशक एक अच्छा लाभ ( रिटर्न) प्राप्त कर सकते है , अपितु प्रतिभूति बाजार की बेहतर समझ से स्वरोजगार उत्पन्न करने में सफलता प्राप्त कर सकते हैं ।
इसके उपरांत मुख्य वक्ता श्री अनिल नारायण दूबे द्वारा वित्तीय निवेश के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न वित्तीय निवेश के साधनों , इक्विटी बनाम debt product , शेयर व म्यूचुअल फंड्स में निवेश के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में समस्त प्रतिभूतियों का dematerialization कर उन्हे इलेक्ट्रॉनिक रूप में डिपोजिटरीज के पास रखा जाता है जहां समस्त लेनदेन के अभिलेख रहते हैं है।इस सत्र में श्री दुबे द्वारा डीमैट अकाउंट प्रारंभ करने के लिए आवश्यक अभिलेख (pan एवं आधार) से KYC कंप्लायंस,e-KYC,3 इन वन बैंक अकाउंट, के साथ ही विभिन्न अकाउंट खोलने में सावधानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सिक्योरिटीज मार्केट में स्थित मार्केट इंटरमीडियरीज के संबंध में भी जानकारी प्रदान की।
उन्होंने प्राथमिक बाज़ार में निवेश पर प्रकाश डालते हुए IPO , उनके प्रकार , उनमें निवेश की प्रक्रिया , बुक बिल्डिंग व IPO के एलॉटमेंट स्टेटस को ज्ञात किए जाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी ।
धन्यवाद ज्ञापन सह समन्यवक रवि प्रकाश जायसवाल द्वारा संपन्न किया गया ।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय कार्यक्रम में बी० एस_सी० कंप्यूटर विज्ञान , BCA, एमसीए/पीजीडीसीए के कुल 61 विद्यार्थी एवं समन्यवक श्री विजेंद्र प्रताप सिंह, सह समन्यवक श्री रवि जायसवाल , शिक्षक श्री गुरु चरण वर्मा,श्री शक्ति सिंह ,श्री अंबुज मिश्रा सम्मिलित हुए।