जनपद एटा मे सेम संगीन धाराओं मे जिला एक कानून अनेक।
एस.एस.पी का फौन बेअसर थानेदार के रौब पर नहीं कोई असर

दर्जनों मुकद्दमों में संगीन धाराये हटाने,नाम निकालने,प्रेशर बनाकर फैसला कराने के नाम पर लाखों के बारे न्यारे
एटा -जनपद एटा मे निधौली कलाँ थानेदार बडा ही रौबदार है।इसके थाने मे जिला से हटकर अपनी खुद की मर्जी की आईपीसी लागू होती है।थाना निधौली कलाँ पर दर्ज अपराध संख्या 001/2023- धारायें-323,354,7/8पोस्को एक्ट अपर पुलिस अधीक्षक के फौन निर्देशन पर तीसरे दिन दर्ज हुआ था।तब भी थानेदार अपर साहब को घुमाने का कुप्रयास कर रहे थे।एस.एस. पी के द्वारा पांच बार का फौन भी थानेदार के इरादे नहीं बदल सका। जबकि सेम इन्हीं धाराओं मे थाना मिरहची पर अपराध संख्या 0024/2023-धाराये-354,506,7/8पोस्को एक्ट में आरोपी को तत्काल जेल भेज दिया गया।जिसका जिक्र सराहनीय कार्य सोसल मीडिया सैल एटा पुलिस ने किया है। ऐसे एक नहीं दर्जनों मुकद्दमों,तथा उनकी धाराओ में कटौती करने के नाम पर,दबाब बनाकर फैसला कराने के नाम पर लाखों के बारे न्यारे करने मे थानेदार मनोज कुमार माहिर है।दर्जनों मुकदमों के वादियों से हुई फोन बार्ता से पता चला कि थाना न्याय का मन्दिर नही बल्कि कमाई का अड्डा बन चुका है। यदि समय रहते ऐसे थानेदार पर सिकंजा नहीं कँसा तो पूर्व मे जनपद के थाना कोतवाली देहात पर हुई कार्यवाही की तरह समस्त पुलिस एटा की ही नही बल्कि प्रदेश स्तर पर फजीहत हुई थी। कहीं निधौली कलाँ थानेदार की यदि उच्चस्तरीय जाँच हुई तो फजीहत होने से भी इंकार नही किया जा सकता है ।विभाग की छवि ऐसी मानसिकता के अधिकारियो दारा खराब की जाती है।किसी ने ठीक ही कहा है कि एक मछली सारे तालाव को गन्दा करने के लिये काफी है।पत्रकार जसवन्त सिंह यादव