21 पशु स्वास्थ्य केंद्रों पर वर्षों से पड़े हैं ताले, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । पशु पालन विभाग में स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या के अनुसार स्टॉफ की कमी होने से जिले के 48 में से 21 पशु स्वास्थ्य केंद्र वर्षों से बंद पड़े हैं। विभाग के अधिकारी इन केंद्रों को ग्रामीणों को प्रशिक्षित कर संचालित करने की योजना बना रहे हैं।
रविवार को सीवीओ डॉ. अनिल कुमार सिंह और डिप्टी सीवीओ संतोष कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि जिले में कुल 48 पशु स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें से 21 स्वास्थ्य केंद्र कई वर्षों से बंद पड़े हैं। इसका मुख्य कारण है कि विभाग में पशु चिकित्सकों और फर्मासिस्टों की बेहद कमी है। इसके कारण 21 पशु स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े हुए हैं। इनमें से तीन स्वास्थ्य केंद्रों पर कुछ लोगों ने कब्जा भी कर लिया है। बंद पड़े कई स्वास्थ्य केंद्रों में से जंगले चौखट दरवाजे भी निकाल ले गए हैं। सीवीओ ने बताया कि गांव दहेलिया पूंठ और केशरपुर के बंद केंद्रों पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। उनको कब्जा हटाने की पुलिस बल के साथ चेतावनी भी दे दी गई है। अगर कब्जा नहीं हटाते है तो कार्रवाई कराई जाएगी।
बंद पशु स्वास्थ्य केंद्रों को संचालित कराने की पहल, रिपोर्ट योगेश मुदगल
एटा। रविवार को सीवीओ ने बताया कि स्टॉफ की कमी के कारण जो पशु स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े हैं। उनको संचालित करने के लिए स्थानीय इच्छुक बाशिंदों को विभाग स्तर से पशु चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनको जरुरी दवाओं के साथ पशु चिकित्सालय पर नियुक्त किया जाएगा। विभाग की इस पहल से स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय पशुओं के लिए चिकित्सा सुविधा भी बेहतर होगी।