
एनआईए ने कर्नाटक में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या मामले में की कार्रवाई
पीएफआई ने बनाया था कातिलों का दस्ता
नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कर्नाटक के भाजपा युवा मोर्चा के नेता प्रवीण नेत्तारू की हत्या मामले में दायर आरोप पत्र में भारत के खिलाफ पीएफआई के खतरनाक मंसूबों का खुलासा किया है। बताया गया है कि पीएफआई ने एक समुदाय विशेष से ताल्लुक रखने वाले अपने दुश्मनों को ढूंढ़कर खत्म करने के लिए कातिलों का एक गुप्त दस्ता बनाया हुआ था। इसे सर्विस टीम या किलर स्क्वॉयड कहा जाता था।
डर फैलाने के लिए की भाजपा नेता की हत्या एनआईए ने शुक्रवार को भाजपा नेता प्रवीण नेत्तारू की हत्या मामले में पीएफआई के 20 सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। जांच एजेंसी ने बताया कि इनमें से छह सदस्य फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी की सूचना के लिए इनाम घोषित किया गया है। मालूम हो कि 26 जुलाई 2022 को कर्नाटक के दक्षिण में सुलिया तालुक के बेलारे गांव में भाजपा के युवा मोर्चा जिला समिति के सदस्य प्रवीण नेत्तारू की हत्या कर दी गई थी। इसके संबंध में दायर आरोप पत्र में एनआईए ने कहा है कि लोगों में डर फैलाने के लिए पीएफआई ने सरेआम नेत्तारू की हत्या की थी। आरोप पत्र में कहा गया है कि पीएफआई ने गुप्त दस्तों का गठन देश में 2047 तक इस्लामिक शासन स्थापित करने के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने और कथित दुश्मनों के सफाए के लिए किया। आरोपी मुस्तफा पाइचर, मसूद केए, कोदजे मोहम्मद शरीफ, अबुबकर सिद्दीक, उमर फारुख एमआर और तुफैल एमएच। एनआईए ने दो सदस्यों कोदजे और मसूद की गिरफ्तारी पर पांच-पांच लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।
पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने केरल, कर्नाटक समेत कई राज्यों में अपने संगठन के विस्तार किया और सदस्यों को प्रशिक्षित कराया था
सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
सदस्य इनमें से फरार हैं फिलहाल
● 2047 तक इस्लामिक शासन की पीएफआई ने रची थी साजिश
● आकाओं के इशारे पर हत्या की साजिश करता था गुप्त दस्ता
● छह आरोपी अभी फरार, तलाश में जुटी एनआईए की टीम
सदस्यों को घातक हमले का प्रशिक्षण मिला था
एनआईए द्वारा दायर चार्जशीट में कई बातों की चर्चा है। इसमें कहा गया है कि हत्यारे दस्तों को हथियार चलाने के साथ ही घातक हमले करने की ट्रेनिंग दी गई थी। विशेष परिस्थितियों से निपटने के लिए भी इन्हें प्रशिक्षिण देकर दक्ष बनाया गया था।
खास समुदाय की हत्या के निर्देश
आरोप पत्र में एनआईए ने कहा कि बेंगलुरु सिटी और सुलिया टाउन, बेल्लारी गांव में पीएफआई नेताओं की बैठकें हुई थीं, जिनमें यह साजिश रची गई। जिला सर्विस टीम के मुखिया मुस्तफा पाइचर ने अपनी टीम को एक खास समुदाय के लोगों की पहचान कर उनकी हत्या करने के निर्देश दिए थे।