
मुरैनाः भारतीय सेना के अंदर चंबल रेजिमेंट लागू करो मांग को लेकर दो दिवसीय चंबल मैराथन का समापन हो गया। चंबल परिवार द्वारा आयोजित चंबल मैराथन-3 का दूसरे दिन सेना दिवस के अवसर पर 21.0975 किमी और 42.195 किमी की दौड़ प्रतियोगिता हुई। यह प्रतियोगिता मुरैना सिटी स्थित पं. राम प्रसाद बिस्मिल संग्रहालय से शुरू होकर अंबाह बाईपास से गुजरते हुए क्रांतियोद्धा बिस्मिल के पैतृक गांव बरबाई में समाप्त हुई। इस दौरान युवाओ ने भारत माता की जय का उदघोष करते हुए चंबल रेजिमेंट लागू करो के नारे लगाते हुये मुरैना शहर के जन मानस में जोश भरते हुए आगे बढ़ते रहे। जगह जगह क्षेत्र वासियों ने युवाओं के जोश को सलाम करते हुए फूल मालाओं , आरती उतारकर, तिलक लगाकर धावकों का सम्मान किया। पुलिस सुरक्षा के बीच मे खिलाड़ियों ने अपनी दौड़ को अनवरत जारी रखा। बाहर से आये हुए खिलाड़ियों ने चंबल क्षेत्र के पीले सोने से लदी हुई सरसों की खेती के बीच मे बहुत ही रोमांच एवम प्राकृतिक वातावरण का अवलोकन किया। इक्कीस किमी की दौड़ का समापन दिमनी में हुआ जिसमें दीपक सिंह तोमर पहला स्थान, आरिफ खान दूसरे स्थान पर , मलखान ठाकुर तीसरे स्थान पर रहे। 42 किमी की दौड़ में ध्रुव भदौरिया पहले स्थान पर, दीपक निगम दूसरे स्थान पर, रजत यादव तीसरे स्थान पर रहे। 42 किमी की दौड़ पूरी करने वाले खिलाड़ियों का बरबाई ग्राम वासियो ने हृदय से स्वागत एवम अभिनंदन किया। इन सभी खिलाड़ियों को मैडल एवम प्रथम तीन खिलाड़ियों को ट्रैक सूट प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि लेखक राहुल इंकलाब एवम योगेंद्र सिंह तोमर ने खिलाड़ियों को पुरुस्कार वितरण किया। इस अवसर पर चंबल परिवार प्रमुख डॉ. शाह आलम राना ने कहा कि चंबल मैराथन-3 में शामिल रहे धावकों ने अमर शहीद राम प्रसाद बिस्मिल से प्रेरणा लेते हुए अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में चंद्रोदय सिंह चौहान, अतर सिंह तोमर, रुद्र प्रताप सिंह राठौर, विनोद त्रिपाठी, डॉ अशोक शर्मा, भद्र सेन तोमर, राजेश टण्डन, देवी सिंह राठौर, राम नरेश शर्मा, राम नरेश परमार, ओम वीर सिंह तोमर का विशेष सहयोग रहा।