विदेश से आने वालों की कोरोना टेस्टिंग न ट्रेसिंग, रिपोर्ट योगेश मुदगल

प्रति माह विदेश से 10 से 15 लोग पहुंच रहे जनपद में, विदेश से आने के बाद एयरपोर्ट पर ही जांच करा भेज रहे घर

विदेश से आने वालों की कोरोना टेस्टिंग न ट्रेसिंग, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा – जिले में मिलने वाले कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेट कर देखभाल करने के निर्देश शासन से दिए गए हैं। इससे जिले में कोरोना संक्रमित निकलने के बाद भी उनको संबंधित कोरोना अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया है। शासन से सप्ताहभर तक कोरोना संक्रमित व्यक्ति को होम आइसोलेशन में रखकर देखभाल करने के निर्देश है।

जिले में प्रतिदिन 1500 लोगों की कोरोना जांच के निर्देश

एटा, जिले में प्रतिदिन 1500 लोगों की कोरोना जांच कराये जाने के निर्देश शासन से दिए गए हैं। जिसके एवज में चार से पांच सौ लोगों की जांच ही प्रतिदिन करायी जा पा रही है। वह भी सीएचसी, पीएचसी से आने वाले कोरोना सेम्पल भी शामिल है। जांच कराने वालों में अधिकांश जेल, न्यायालय सहित अन्य सरकारी कार्यों के लिए कोरोना जांच कराने वाले हैं। जिसकी वजह से उनके कार्य बाधित होने की आशंका रहती है।

पॉवर प्लांट में प्रतिदिन विदेश से आते हैं अधिकारी

एटा, मलावन स्थित पॉवर प्लांट में दुसान कंपनी में कार्यरत कोरियाई अधिकारीगण प्रतिमाह विदेश यात्रा कर पहुंचते हैं। चीन में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ने पर इनमें से किसी के भी संक्रमित होने की संभावना लगातार बनी रहती है। पिछले महीने ही एक अधिकारी कोरोना संक्रमित पाया गया था।

शासन से संक्रमित को होम आइसोलेट करने का निर्देश

एटा, संवाद। विदेश से यात्रा कर जनपद में आ रहे लोगों की टेस्टिंग-ट्रेसिंग का कार्य नहीं हो रहा है। उससे कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का डर लगातार बना हुआ है। विदेश से आने वाले लोगों की संबंधित एयरपोर्ट पर ही जांच की जा रही है। जहां से वह सीधे अपने घर पहुंच रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में प्रतिमाह विदेश से आने वाले लोगों की संख्या 10 से 15 तक पहुंच रही है, जिसकी जांच विदेश से एयरपोर्ट पर उतरते समय कोरोना जांच की जा रही है। जहां से जांच कराने के बाद संबंधित लोग अपने घर पहुंच रहे है। घर आने के बाद जब उनको किसी तरह की परेशानी या दिक्कत होती है, उनकी सूचना पर आरआरटी टीम भेजकर जांच कराने का कार्य होता है। जिले में बाहर से आने वालों की कोई कोरोना जांच नहीं हो रही है। वर्ष 2020 के कोरोना काल के बाद से विदेशी लोगों की टेस्टिंग, ट्रेसिंग का कार्य समाप्त सा हो गया है। उसकी वजह से विदेश से आने वाले यात्री एयरपोर्ट से जांच कराने के बाद महानगरों में सगे-संबंधियों के यहां रुकते हुए अपने घर, गांव तक पहुंच रहे है। ऐसे में यदि कोई विदेशी यात्री कोरोना संक्रमित हुआ। उस स्थिति में जिले में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने से इंकार नहीं किया जा सकता। जिले में आये विदेशियों की मॉनीटरिंग की स्थिति भी ठीक नहीं है। विदेश से आने वाले अभिलेखों में दर्ज मोबाइल नंबर को बंद कर लेते हैं। ऐसे में सूचना मिलने के बाद भी उनको ट्रैस करना स्वास्थ्य टीमों के लिए बेहद मुश्किल भरा है। गत दिनों मलावन पॉवर प्लांट में कोरिया से आये अधिकारी जांच में संक्रमित पाये गये थे। जिसके बाद उनको स्वास्थ्य विभाग ने प्लांट पर ही होम आइसोलेट किया था। पूर्व में ग्रामीण स्तर पर विदेश से आने वाले एवं संभावित कोरोना संक्रमितों के बारे में आशाओं के माध्यम से जानकारी करायी जाती थी।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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