*केंद्र बनने से वंचित स्कूलों को बता दिया बिना गेट का स्कूल, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, संवाद। बोर्ड परीक्षा 2022-23 में केन्द्र बनाने को लेकर जिले से बोर्ड को भेजी गई सूचना में भारी अनियमितता दर्शाई है, जिससे पूर्व से परीक्षा केन्द्र बनते आ रहे विद्यालय भी वंचित रह गए।
डीआईओएस कार्यालय से बोर्ड परीक्षा केन्द्र बनाने को भेजे गए ऑनलाइन डाटा में 151 विद्यालयों में मूलभूत सुविधायें होना दर्शाया गया है। इसमें 13 राजकीय, 51 सहायता प्राप्त और 87 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा 400 विद्यालयों में बोर्ड बनाने को निर्धारित मूलभूत सुविधाओं में अनियमितता दर्शाकर परीक्षा केन्द्र बनाये जाने से वंचित किया गया है। इसमें 11 राजकीय, 03 सहायता प्राप्त और 386 वित्तविहीन विद्यालय शामिल है। कई ऐसे विद्यालय शामिल है, जिनको पिछले एक दशक से लगातार बोर्ड परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। 400 विद्यालयों की शासन को भेजी गई ऑनलाइन सूची में बाउंड्रीवाल, मुख्य गेट, अग्निशमन उपकरण न होना दर्शाया गया है, जिसमें 90 विद्यालयों के मुख्य गेट पर लोहे का गेट न होना दर्शाया गया है। ऐसे विद्यालयों में ज्ञान भारती इंटर कॉलेज एटा, गोपालजी महाराज इंटर कॉलेज आवागढ़, हरवेदी इंटर कॉलेज रुद्रपुर, मायावती कन्या इंटर कॉलेज मारहरा, आरएबी इंटर कॉलेज अवागढ़, प्रभुदयाल स्मारक इंटर कॉलेज नगला खड़ी, चंद्रावती इंटर कॉलेज जीवनबाद, कस्तूरी देवी इंटर कॉलेज दौलतपुर, एसआरएस इंटर कॉलेज बरई, दाताराम इंटर कॉलेज मारहरा, एएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वनगांव, श्री भूमिराज सिंह इंटर कॉलेज लालपुर कटारा, सेठ भामाशाह इंटर कॉलेज मीसांकलां, महावीर प्रसाद इंटर कॉलेज जैथरा, चरण सिंह इंटर कॉलेज हरचंदपुर खुर्द, वीरांगना अवंती बाई इंटर कॉलेज कंचनपुर विद्यालय शामिल है।
बोर्ड परीक्षा केन्द्र बनाये जाने को भेजे गये डाटा में उनके विद्यालय में मुख्य गेट पर लोहे का गेट न होना दर्शाया गया है। जबकि उनके विद्यालय के मुख्य गेट पर लोहे का गेट है। उनके स्कूल में वर्ष 2001 से 2017 तक लगाकर बोर्ड परीक्षा केन्द्र रहा है। इस बार लोहे का गेट न होना दर्शाकर बोर्ड को सूचना भेज दी गई।
संजय कुमार भारद्वाज, प्रधानाचार्य, मायावती कन्या इंटर कालेज, मारहरा (एटा)