काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण दिवस के प्रथम वर्षगाठ पर काशी वासियों
ने निकला विशाल शोभायात्रा

वाराणसी 13 दिसंबर, काशी विश्वनाथ धाम लोकार्पण दिवस के प्रथम वर्षगांठ पर लोक महोत्सव के अंतर्गत निकली शोभा यात्रा ने बरबस ही मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के बनवास वापसी जैसा दृश्य दिखा दिया, जब भगवान राम की बनवास से अयोध्या वापसी हुआ था तब पूरी अयोध्या उनके स्वागत में सड़को पर उतर आई थी वही स्थिति शोभा यात्रा में देखने को मिला, क्या राजा क्या रक, अनाड़ी से लेकर खिलाड़ी तक सभी शोभा यात्रा का हिस्सा थे, या तो पूरी के जगन्नाथ भगवान की रथयात्रा में गरीब से लेकर अमीर तक एक भाव में शामिल रहते हैं उसके बाद दूसरा बाबा की शोभा यात्रा में यही दृश्य देखने को मीला शोभा यात्रा में नगर के सभी सांस्कृतिक, समाजिक संस्थाओं की भागीदारी की मानो होड़ लगा था. पहली बार किसी शोभायात्रा में अपने घर का चूल्हा चौका छोड़कर महिलाए शोभा में न सिर्फ शामिल हुई बल्की ऐसा लग रहा था की शादी में शामिल हुई हो, पूरी मौज मस्ती के साथ नचाते गाते एक अलग दृश्य उत्पन्न कर रहा था। अघोरी, दैत्य, भूत पिचास, सभी देवी देवताओं से सुसज्जित बारात की शोभा देखते ही बन रही थीं। क्या बच्चा क्या बूढ़ा, क्या महिला सब अपने अपने रंग में रंगे थे। असम सोनभद्र, वृंदावन, पूर्वांचल का मशहूर धोबी नृत्य, बनारस का मशाने की होली बड़ी संख्या में लड़कियों का डांडिया नृत्य, काली के नौ स्वरूपों का नृत्य आकर्षण का केंद्र था, बनारस के सभी धर्म जातियों का अलग अलग मुहल्ला है इसिलिये बनारस को मिनी इंडिया कहते है आज पहली बार मिनी इंडिया सड़को पर बाबा के लोकार्पण के वर्षगांठ पर दिखा। बारात का शुभारंभ पूर्व मंत्री और ीय विधायक तो नीकंठ तिवारी ने हरी झंडी दिखा कर किया, बारात में मुख्य रूप से सभी समाज के लोग शामिल थे, मुख्य रूप से संयोजक दिलीप सिंह, जगदंबा तुलस्तान, बंदना रघुवंशी, सांड बनारसी, आर के चौधरी, संदीप केशरी, दिलीप सिंह बंटी… अजीत सिंह बग्गा, चांदनी श्रीवास्तव, महेश माहेश्वरी, पवन खत्रा अनुराग मौर्या, सीमा गौड़, प्रिया अग्रवाल, विमल त्रिपाठी सुनीता सोनी पूनम सिंह रीना बबीता आदि लोग शामिल थे। दिलीप सिंह) संयोजक शिव बारात समिति, वाराणसी