
*गोपालन को रोजगार से जोड़ना होगा*
मथुरा, संवाद। किसानों की आमदनी को बढ़ानी है तो गोपालन को रोजगार से जोड़ना होगा। दूध से बने उत्पादों को प्राथमिकता देनी होगी। भारतीय नस्ल के गोवंश सुरक्षित रहें इसका भी प्रयास करना होगा। मथुरा में दो दिनी प्रवास के अंतिम दिन बुधवार को भक्ति वेदांत गुरुकुल में कृष्ण-बलराम मंदिर और दुग्ध प्रसंस्करण केंद्र के उद्घाटन के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये आह्वान किया।
हर तहसील में बने गो प्रसंस्करण केंद्रमुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि मथुरा में दुग्ध समितियों का गठन करते हुए दूध प्रसंस्करण को बढ़ावा देना चाहिए। हर गांव में महिलाओं के सहयोग से दुग्ध समितियों का गठन करना होगा। दूध डेयरी में पहुंचे इसे सुनिश्चित करना होगा। दूध से ज्यादा दाम दही, मक्खन-घी में मिल सकता है। इसके लिए हर तहसील में गो प्रसंस्करण केंद्र हो इस दिशा में भी कार्य करना होगा। इससे ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना साकार होगी। राज्य सरकार हर सकारात्मक कार्यक्रम के साथ है।
योगी ने कहा, यहां मुझे उन्नत नस्ल की भारतीय गोवंश देखने को मिले हैं। मथुरा वेटरिनरी विवि में पहले से हो रहे काम को इस्कॉन को वहां जाकर इसे देखना और समझना चाहिए।
*“तैयारी आत्मनिर्भर गोशाला के मॉडल की शुरुआत मथुरा से होगी*
मथुरा, संवाद। गोवंश की दुर्दशा को रोकने के साथ-साथ गोशालाओं के संचालन में आड़े आ रही आर्थिक समस्या के समाधान के लिए अब उत्तर प्रदेश में गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। आत्मनिर्भर गोशाला की शुरुआत मथुरा से की जाएगी। इसके लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान को आत्मनिर्भर गोशाला का मॉडल प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। बताते चलें कि आवारा पशुओं की समस्या उत्तर प्रदेश सरकार के लिए सिरदर्द बनी हुई है, वहीं गोशालाओं के संचालन में आर्थिक अड़चनें भी आ रही हैं। ऐसे में गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी हो गया है। जनपद आगमन पर मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर वेटेरिनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके श्रीवास्तव से वार्ता की”