समस्याओं से संबंधित मांग पत्र जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को सौंपने के लिए बनी रणनीति

भारतीय मीडिया फाउंडेशन सहित विभिन्न पत्रकार संगठनों के द्वारा 5 नवंबर को पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के समस्याओं से संबंधित मांग पत्र जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को सौंपने के लिए बनी रणनीति*।

वाराणसी मैनेजमेंट कार्यालय-भारतीय मीडिया फाउंडेशन के वाराणसी स्थित मैनेजमेंट कार्यालय से जारी बयान में भारतीय मीडिया फाउंडेशन व भारतीय मतदाता महासभा के संस्थापक एवं अंतर्राष्ट्रीय मीडिया अधिकार महामोर्चा के अंतर्राष्ट्रीय संयोजक एके बिंदुसार ने भारतीय मीडिया फाउंडेशन के समस्त मीडिया अधिकारियों एवं संचालित सभी पत्रकार संगठनों के पदाधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि 5 नवंबर 2022 को जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को मांग पत्र भेजकर पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के हक अधिकार सम्मान सुरक्षा के सवाल पर अपनी आवाज बुलंद करें।
उन्होंने जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों से भी अपील करते हुए कहा कि पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग किया जाए।
श्री ए के बिंदुसार ने जारी बयान में कहा कि आए दिन पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है उन्हें विभिन्न प्रकार के फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकियां मिलती रहती है और कई ऐसे पत्रकार एवं समाजिक कार्यकर्ता है जिनके ऊपर फर्जी मुकदमे लगाकर जांच के नाम पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा हैं।
उन्होंने कहा कि पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता अवैतनिक समाज में कार्य कर रहे हैं ऐसे में पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा अनिवार्य रूप से होना चाहिए पत्रकार भीड़ के हिस्सा नहीं है लेकिन उन्हें भीड़ का हिस्सा बनाकर उनके कार्य में बाधा उत्पन्न किया जा रहा है समाचार कवरेज करने के दौरान उनकी सुरक्षा करने के बजाय उनके ऊपर नाना प्रकार के आरोप लगाकर फर्जी मुकदमे करके पत्रकारिता के मिशन को ध्वस्त करने की नाकाम कोशिश होती रहती है। 
उन्होंने कहा कि पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा अगर किसी भी भ्रष्टाचार के खिलाफ खबर प्रकाशित कर दिया जाता है तो उनके ऊपर तमाम फर्जी आरोपों के आधार पर मुकदमे करके उनके कार्य में बाधा उत्पन्न किया जाता है मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है जो देश के सशक्त लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के मामले में तत्काल मुकदमा पंजीकृत न करते हुए पहले पूरे प्रकरण की गंभीरता से सीआईडी जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता को फर्जी तरीके से प्रताड़ित न किया जा सके।

उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में समस्त राज्यों से जिला अधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल महोदय, माननीय मुख्यमंत्री महोदय, माननीय विधानसभा अध्यक्ष महोदय को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया हैं।
सभी राज्यों के राज्य चेयरमैन एवं प्रदेश अध्यक्ष तथा मैनेजमेंट प्रभारी सभी मीडिया अधिकारियों को 5 नवंबर को पत्रक भेजने के लिए निर्देशित करें।
*भारतीय मीडिया फाउंडेशन की प्रमुख मांगे*–

1-केंद्रीय एवं राज्य लेवल पर मीडिया पालिका का गठन किया जाए।
2-केंद्रीय एवं राज्य लेवल पर मीडिया कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए।
3-तहसील से लेकर जिले लेवल पर मीडिया सेंटर भवन का निर्माण कराया जाए।
4-सभी राज्यों में पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू किया जाए।
5-पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता बंधुओं को प्रतिमाह पत्रकार सुरक्षा भक्ता के रूप में ₹75000 दिया जाए।

6-समान अवसर, समान अधिकार ,समान दंड संहिता, समान शिक्षा संहिता, समान पुलिस संहिता, समान स्वास्थ्य संहिता, समान न्यायिक संहिता, समान नागरिक संहिता ,समान प्रशासन संहिता पर ठोस कानून बनाये जाए।

7-पत्रकार उत्पीड़न को दर्ज करने के लिए प्रदेश  एवं जिला स्तर पर पत्रकार सुनवाई पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर सेवा चालू की जाएं।
8-मीडिया से जुड़े मामले का निस्तारण करने हेतु जिला न्यायालय स्तर पर अलग से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाएं

9-पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के आकस्मिक मृत्यु पर सरकार के द्वारा कम से कम 2500000 रुपए (25लाख) की सहायता राशि देने के साथ-साथ पत्रकार के आश्रित को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान लागू किया जाए।

10-महिला पत्रकारों के सम्मान सुरक्षा एवं स्वालंबन को ध्यान में रखते हुए महिला पत्रकार हॉस्टल बनाया जाएं।
11-60 वर्ष उम्र तक के पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को यात्रा के दौरान जैसे रोडवेज बस, ट्रेन हवाई जहाज में यात्रा के दौरान टिकट मूल्य में 50% की छूट दी जाएं एवं टोल टैक्स फ्री किया जाए एवं 60 वर्ष से अधिक उम्र के सीनियर सिटीजन पत्रकारों को फ्री यात्रा हेतु पास जारी किया जाएं।

12-देश के समस्त गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के नामों को सूचीबद्ध किया जाए तथा उन्हें अधिमान्यता प्रमाण पत्र जारी किया जाए एवं उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं  मुहैया कराने हेतू आयुष्यमान भारत योजना से जोड़ा जाएं।
13-सभी पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को वीआईपी का दर्जा दिया जाए।

14-विधान परिषद पत्रकार निर्वाचन क्षेत्र (Legislative Council Journalists’ Constituency) का गठन किया जाएं तथा विधान परिषद के निर्धारित सीटों में पत्रकार विधायक का कोटा तय किया जाएं एवं पत्रकार विधायक  का चुनाव ठीक विधान परिषद कि शिक्षक एवं स्नातक विधायक के नियमावली के तहत 3 वर्ष के अनुभवी  पत्रकार  की मतदाता सूची बनाई जाएं तथा पत्रकार विधायक ( Journalist MLA) का चुनाव कराया जाएं।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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