” *बसों का टोटा,लोकल रूटों पर यात्रियों को परेशानी, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । जिले की 20 लाख की आबादी को लाने ले जाने के लिए सिर्फ उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के पास मात्र 72 बसें हैं। बसों की कमी के कारण बस स्टैंड पर हमेशा भीड़ लगी रहती है। लगातार शासन को पत्र लिखने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
वर्तमान में एटा डिपो के पास कुल 104 निगम की बसें है। इनमें से 32 बसें ऐसी हैं, जो कि एक वर्ष पहले ही नीलामी की सभी शर्ते पूरी कर चुकी है यानी उन्हें कंडम कहा जा सकता है। चलने योग्य सिर्फ 72 बसें ही शेष बची हैं। इन सभी बसों को लंबे रूट जैसे दिल्ली कानपुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद आदि पर संचालित किया जा रहा है। पुरानी बसों में सफर जोखिम भरा है।
एटा सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश यादव ने बताया कि नीलामी की कई महीने पहले सभी शर्तें पूरी कर चुकी बसों की सूचना क्षेत्रीय प्रबंधक एवं शासन को भेज दी गई है। नीलाम होने वाली बसों के स्थान पर शासन को नई बसों की डिमांड भेज दी है। एआरएम ने बताया कि लोकल रूट की 32 बसें कम होने से मैनपुरी, शिकोहाबाद, गंजडुंडवारा, अमांपुर, अलीगंज, जैथरा आदि रूटों पर डिपो की बसें कम हो गई है। इससे सवारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सवारियों की समस्या को कम करने के लिए लंबे रूट की बसों को ही लोकल रूटों पर टाइम टेबल के अनुसार संचालित कराया जा रहा है। नई बसें मिलने के बाद ही लोकल रूटों पर बसों की संख्या बढ़ सकेगी।